पटना , फरवरी 27 -- बिहार विधानसभा के अध्यक्ष प्रेम कुमार ने शुक्रवार को सदन में सरकार को निर्देश दिए कि वह प्रदेश के विभिन्न इलाकों में चल रहे धर्मांतरण की समीक्षा कर, यदि आवश्यक हो तो इस समस्या के निदान के लिए जरूरी कानून बनाये।

विधायक बीरेंद्र कुमार के एक ध्यानाकर्षण पर सरकार की तरफ से मंत्री अरुण शंकर प्रसाद के जवाब तथा कई विधायकों को सुनने के बाद अध्यक्ष ने निर्देश दिए कि सरकार प्रदेश में चल रहे धर्मांतरण की समीक्षा करे और आवश्यक पड़ने पर इस समस्या के निदान के लिए जरूरी कानून बनाये।

इससे पहले विधायक बीरेंद्र कुमार ने सरकार का ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि बिहार में ईसाई और मुस्लिम धर्मगुरु गरीब तबके की हिन्दू आबादी को अच्छी जिंदगी का लोभ दे कर विवाह के माध्यम से धर्मांतरित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस वजह से प्रदेश में ईसाईयों और मुसलमानों की संख्या में असामान्य वृद्धि हो रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में चर्च की संख्या 5000 से भी ज्यादा हो चुकी हैं। उन्होंने कहा कि इस समय देश मे ईसाईयों की वृद्धि दर 15.52 प्रतिशत है, वहीं बिहार में यह 143.23 प्रतिशत है।

उन्होंने कहा कि बिहार के पड़ोसी राज्य उत्तरप्रदेश के साथ मध्यप्रदेश, गुजरात, उत्तराखण्ड और हिमाचल में धर्मांतरण के खिलाफ कठोर कानून है और इस तरह के मामले सामने आने पर दोषियों के खिलाफ कड़ी सजा का प्रावधान है। उन्होंने कहा कि बिहार सरकार भी इस समस्या स्व निपटने के लिए प्रदेश में कठोर कानून बनाये।

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