पटना , फरवरी 24 -- स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने बिहार विधान परिषद में बताया कि राज्य में 2.14 लाख से अधिक टीबी मरीजों को हर महीने 1,000 रुपये की वित्तीय सहायता दी जाती है, लेकिन केवल 20,761 मरीजों को ही फूड बास्केट प्रदान किया जाता है।
स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने मंगलवार को अब्दुल बारी सिद्दिकी और डॉ उर्मिला ठाकुर के प्रश्नों के उत्तर में बिहार में टीबी और फाइलेरिया नियंत्रण की स्थिति पर जानकारी दी।
फाइलेरिया नियंत्रण पर मंत्री श्री पांडेय ने कहा कि बिहार में कुल आठ फाइलेरिया नियंत्रण इकाइयां हैं, लेकिन वर्तमान में केवल चार ही सक्रिय हैं। राज्य के विभिन्न जिलों में 32 हजार कीट संग्रहकर्ताओं की नियुक्ति की गई है। बंद पड़े चार डिपो को स्थल और कर्मियों के आधार पर फिर से संचालित किया जायेगा, जिससे इस रोग पर नियंत्रण कार्यक्रम और प्रभावी ढंग से चल सके।
वहीँ फाइलेरिया नियंत्रण पर मंत्री श्री पांडेय ने कहा कि बिहार में कुल आठ फाइलेरिया नियंत्रण इकाइयां हैं, लेकिन वर्तमान में केवल चार ही सक्रिय हैं। राज्य के विभिन्न जिलों में 32 हजार कीट संग्रहकर्ताओं की नियुक्ति की गई है। बंद पड़े चार डिपो को स्थल और कर्मियों के आधार पर फिर से संचालित किया जायेगा, जिससे रोग नियंत्रण कार्यक्रम और प्रभावी ढंग से चल सके।
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