, March 18 -- इस अवसर पर महाप्रबंधक श्री सिंह ने कहा कि आज महिलाएं जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में यथा-सामाजिक, सांस्कृतिक, राजनीतिक, आर्थिक में सफल हुई है। उन्होंने कहा कि इस रेलवे में महिला लोको पायलट, गार्ड, स्टेशन मास्टर, इंजीनियर, ट्रैक मेंटेनर, जैसे महत्वपूर्ण एवं संरक्षा से जुड़े पदों पर कार्य करते हुए रेल और देश के विकास में योगदान दे रहीं हैं। पूर्व मध्य रेल के लिए यह अत्यंत गौरव की बात है कि भारतीय महिला फुटबॉल टीम की कप्तान पूर्व मध्य रेल से ही है एवं उनके साथ पूर्व मध्य रेल की कई प्रतिभावान खिलाड़ी टीम में शामिल हैं। उनके लिए स्पोर्टस हॉस्टल की व्यवस्था की गई है एवं अन्य अंतर्राष्ट्रीय स्तर की खेल सुविधाएं विकसित की जा रही है।

महाप्रबंधक ने सम्मानित हो रही बालिकाओं के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि उन्हें प्रदान की जा रही शैक्षणिक सहायता राशि एवं साईकिल एक प्रतीक मात्र है, जिससे उन्हें अपने क्षेत्र में विशेष उपलब्धि हासिल करने एवं इसका लाभ देश एवं समाज को देने हेतु प्रोत्साहित किया जा सके।

पूर्व मध्य रेल महिला कल्याण संगठन की अध्यक्षा श्रीमती सुनिता सिंह ने कहा कि आज देश हीं नहीं, विश्व पटल पर महिलाओं के नेतृत्व क्षमता साबित हो चुकी है। जहां देश का नेतृत्व महिला के रूप में माननीया राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मूर्मू के हाथों में है वहीं, भारतीय रेल भी इसमें पीछे नही है। उन्होंने कहा कि लगभग एक लाख महिलाएं भारतीय रेल को प्रगति के पथपर अग्रसर करने में अपना योगदान दे रहीं हैं। महिलाओं ने आसमां तक अपनी क्षमता का परिचय दिया है जिसके कारण आज महिलाएं सुखोई जैसे विमान के पायलट से लेकर वंदे भारत के लोको पायलट, अंतरिक्ष यात्री एवं पर्वतारोही जैसे क्षेत्रों में अपना परचम लहरा रही हैं।

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