, April 16 -- श्री मल्ल ने विभागीय कार्यों में पारदर्शिता बनाए रखने, भ्रष्टाचार मुक्त कार्य संस्कृति को सर्वोच्च प्राथमिकता देने तथा जनसंवाद के माध्यम से प्राप्त समस्याओं का समयबद्ध एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया। उन्होंने निर्देश दिये कि जनसंवाद के माध्यम से केवल आवेदन प्राप्त करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनका निष्पादन भी पारदर्शी एवं परिणामोन्मुखी होना चाहिए।

प्रधान सचिव ने सभी पदाधिकारियों से आत्ममूल्यांकन करते हुए अपने कार्यों में निरंतर सुधार लाने का आह्वान किया तथा कहा कि जल संसाधन विभाग राज्य के महत्वपूर्ण विभागों में से एक है और इसके कार्यों की गुणवत्ता एवं गति से बिहार की प्रगति जुड़ी हुई है।

बैठक में अभियंता प्रमुख (बाढ़ नियंत्रण एवं जल निस्सरण) वरुण कुमार, अभियंता प्रमुख (मुख्यालय) ब्रजेश मोहन, अभियंता प्रमुख (सिंचाई सृजन) अनवर जमील, विशेष सचिव के. डी. प्रौज्ज्वल सहित विभाग के वरीय पदाधिकारी उपस्थित थे। इसके अतिरिक्त राज्य के 21 मुख्य अभियंता, 71 अधीक्षण अभियंता, 220 कार्यपालक अभियंता वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में जुड़े हुये थे।

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