, March 29 -- श्री पांडेय ने कहा कि सभी अस्पतालों को गर्मी शुरू होने से पहले माइक्रोप्लान तैयार करने और स्वास्थ्यकर्मियों का रोस्टर बनाने का निर्देश दिया गया है। उन्होंने कहा कि ओपीडी में आने वाले मरीजों की हीट वेव के लक्षणों की जांच अनिवार्य की गई है तथा प्रतीक्षालय में ठंडे पेयजल और कूलिंग की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा प्रत्येक स्वास्थ्य संस्थान में ओआरएस कॉर्नर स्थापित किया जाएगा। मेडिकल कॉलेजों, डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ को हीट वेव से संबंधित उपचार प्रोटोकॉल का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। वहीं आशा कार्यकर्ताओं को भी समुदाय स्तर पर जागरूकता फैलाने के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है, ताकि लोग समय रहते सावधानी बरत सकें।

मंत्री ने कहा कि पांच वर्ष से कम आयु के बच्चों, गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों जैसे संवेदनशील समूहों के लिए में हीट रिलेटेड बीमारियों की प्रभावी रोकथाम व प्रबंधन हेतु विशेष जागरूकता अभियान संचालित किया जाएगा।

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