पटना , दिसंबर 02 -- शिक्षा विभाग के अंतर्गत जन- शिक्षा निदेशालय की ओर से महादलित, दलित, अति- पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक समुदाय की नव- साक्षर महिलाओं के लिये राज्य स्तरीय बुनियादी साक्षरता परीक्षा का आयोजन सात दिसंबर को किया जा रहा है।
शिक्षा विभाग की ओर से साझा की गयी जानकारी के अनुसार, महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत अक्षर आंचल योजना के अंतर्गत संचालित साक्षरता केंद्रों में पढ़ी 15 से 45 वर्ष आयु वर्ग की कुल 10,50,828 नव- साक्षर महिलाओं को इस परीक्षा में शामिल करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
राज्यभर में होने वाली इस परीक्षा का उद्देश्य नव- साक्षर महिलाओं के साक्षरता कौशल का मूल्यांकन करना और उन्हें औपचारिक प्रमाणन प्रदान करना है, जिससे वे आगे की शिक्षा और आत्मनिर्भरता की दिशा में और सशक्त कदम उठा सकें।
शिक्षा विभाग ने राज्य के सभी जिलों को परीक्षा के सफल संचालन के लिये आवश्यक दिशा- निर्देश जारी कर दिये हैं।
परीक्षा पूरे राज्य में संकुल स्तर पर आयोजित होगी और इसके लिये सभी व्यवस्थायें पूरी कर ली गई हैं। केंद्रों की पहचान, प्रश्न पत्रों की उपलब्धता, पर्यवेक्षण व्यवस्था और सुरक्षा प्रबंधों को अंतिम रूप दिया जा चुका है।
अक्षर आंचल योजना के तहत साक्षरता परीक्षा पूरी तरह निःशुल्क है।
परीक्षा उत्तीर्ण करने वाली महिलाओं को बुनियादी साक्षरता का प्रमाण- पत्र दिया जायेगा। यह प्रमाण- पत्र न केवल उनके सीखने के प्रयास को मान्यता देता है, बल्कि आगे की शिक्षा और कौशल विकास कार्यक्रमों से जुड़ने में भी सहायता करेगा।
विभागीय अधिकारियों के अनुसार, अक्षर आंचल योजना बिहार सरकार की उन महत्वपूर्ण पहलों में से एक है, जिसका उद्देश्य समाज के सबसे वंचित वर्गों की महिलाओं को पढ़ाई से जोड़कर उनका सशक्तिकरण, आत्मनिर्भरता और सामाजिक भागीदारी बढ़ाना है।
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