पटना , फरवरी 03 -- बिहार के कृषि मंत्री रामकृपाल यादव ने मंगलवार को कहा कि बिहार बजट राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करेगा और युवाओं एवं महिला किसानों के लिए रोजगार के नए अवसरों का सृजन करेगा।

श्री यादव ने बिहार के वित्त मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव द्वारा प्रस्तुत राज्य बजट को कृषि विभाग के दृष्टिकोण से विकासोन्मुख, भविष्योंन्मुखी एवं किसान-हितैषी बताते हुए कहा कि यह बजट राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करेगा और युवाओं एवं महिला किसानों के लिए रोजगार के नए अवसरों का सृजन करेगा। उन्होंने कहा कि एग्री स्टार्टअप के माध्यम से कृषि उत्पादों के मूल्य संवर्धन को बढ़ावा मिलेगा, जिससे किसानों की आय में वृद्धि सुनिश्चित होगी। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि आधारित आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी, जिससे स्थानीय स्तर पर विकास को नई मजबूती प्राप्त होगी एवं कृषि विपणन व्यवस्था को नई दिशा मिलेगी।

कृषि मंत्री ने कहा कि बजट में कृषि को लाभकारी, टिकाऊ एवं आधुनिक बनाने की स्पष्ट प्रतिबद्धता दिखाई देती है।उन्होंने कृषि विभाग की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि कृषि रोडमैप के प्रभावी कार्यान्वयन के फलस्वरूप वर्ष 2005 से अब तक खाद्यान्न उत्पादन में तीन गुना से अधिक वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि वित्तीय वर्ष 2024-25 के अंतिम आकलन के अनुसार राज्य में 326.62 लाख मीट्रिक टन खाद्यान्न उत्पादन हुआ है, जो अब तक का सर्वोच्च स्तर है।उन्होंने बताया कि वर्ष 2024-25 में बिहार ने मखाना एवं लीची उत्पादन में देश में प्रथम, मक्का में द्वितीय, शहद में चतुर्थ, चावल में पाँचवाँ तथा गेहूँ में छठा स्थान प्राप्त किया है। देश में उत्पादित कुल मखाना का 85 प्रतिशत उत्पादन बिहार में होता है। मखाना उत्पादन को बढ़ावा देने के लिये राज्य में राष्ट्रीय मखाना बोर्ड का गठन किया गया है।

श्री यादव ने कहा कि कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों के लिए डिजिटल कृषि निदेशालय का गठन कर एकीकृत डेटाबेस प्रबंधन को सुदृढ़ किया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य के सभी 38 जिलों में जलवायु अनुकूल कृषि कार्यक्रम के अंतर्गत 190 मॉडल कृषि गाँव विकसित किए जा रहे हैं। मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना के तहत तीन लाख मिट्टी नमूनों का विश्लेषण किया गया है तथा 32 अनुमंडल स्तरीय मिट्टी जाँच प्रयोगशालाओं की स्थापना की जा रही है।उन्होंने कहा कि बिहार देश में मशरूम उत्पादन में अग्रणी है, जहाँ वर्तमान में 44,000 मीट्रिक टन उत्पादन हो रहा है। किसानों को बेहतर मूल्य दिलाने के लिये भंडारण, कोल्ड स्टोरेज, प्रसंस्करण एवं विपणन को प्राथमिकता दी जा रही है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में 91 प्रकार के कृषि यंत्रों पर 40 से 80 प्रतिशत तक अनुदान उपलब्ध कराया जा रहा है तथा एआई युक्त यांत्रिक कृषि मिशन के गठन की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।

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