, April 2 -- अपर प्राध्यापक, जीआई सर्जरी डॉ. राकेश कुमार सिंह ने बताया कि पैनक्रियाज कैंसर की सर्जरी पेट खोल कर या दूरबीन द्वारा करने पर काफी समय लगता है और ऑपरेशन के समय काफी रक्त स्त्राव होने से मरीज को आईसीयू एवं वेंटिलेटर पर भी रखना पड़ता है। उन्होंने कहा कि दूरबीन द्वारा लेप्रोस्कोपिक विधि से सर्जरी करने पर लगभग एक लाख रु का खर्च संस्थान में होता है, लेकिन बिहार में पहली बार रोबोटक सर्जरी के माध्यम से इस मरीज का ऑपरेशन पचास हजार के पैकेज में किया गया एवं छह घंटे में मरीज के ऑपरेशन के बाद रात भर के लिए आईसीयू में रखा गया। दूसरे दिन यानी आज मरीज को सामान्य वार्ड में स्थानांतरित किया गया, जहां वह बिल्कुल स्वस्थ है।

संस्थान के निदेशक डॉ. बिन्दे कुमार ने कहा कि रोबोटिक के माध्यम से अब आईजीआईएमएस के अलग-अलग विभागों में जटिल ऑपरेशन सस्ते खर्च पर निरंतर किये जायेंगे, जिससे प्रदेश के मरीजों को रोबोटिक सर्जरी के लिए अन्य राज्य में जाने की आवश्यकता न पड़े और उनके धन की भी बचत होगी।

डॉ० विन्दे ने चिकित्सा अधीक्षक डॉ. मनीष मंडल के देख-रेख में संपन्न हुए इस सफल सर्जरी के लिए पूरी टीम जिसमें सर्जरी की ओर से डॉ. राकेश कुमार सिंह, तुषार पटेल, डॉ. नेत्रा नंद निश्चेतना की ओर से डॉ. विनोद कुमार वर्मा, डॉ. विभा, डॉ. अनन्तु, सिस्टर इंचार्ज शैलजा, सिस्टर सुशीला ओटी इंचार्ज एवं स्क्रबर से ब्रदर आशीष, रीना एवं समस्त सहयोगी कर्मचारियों को बधाई दी।

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