, April 19 -- उपमुख्यमंत्री श्री चौधरी ने सड़क हादसों को रोकने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिये कि दुर्घटनाओं को 'माइनर' और 'मेजर' श्रेणियों में विभक्त किया जाए। इसके मूल कारणों का पता लगाकर और दुर्घटनाओं तथा उनसे होने वाली मौतों के अनुपात का गहराई से विश्लेषण कर सड़क सुरक्षा की विशेष कार्ययोजना तैयार की जाए।

उपमुख्यमंत्री श्री चौधरी ने निर्देश दिये कि ड्राइवरों के लिए एक 'जिला-वार ट्रैकिंग मॉड्यूल' विकसित किया जाएगा। इसमें पंजीकृत और प्रशिक्षित ड्राइवरों का स्पष्ट डेटाबेस होगा। उन्होंने कहा कि एचएमवी वाहन चालक स्वतः स्फूर्त होकर ट्रेनिंग लें। यदि तीन रिमाइंडर के बाद भी कोई एचएमवी चालक ट्रेनिंग के लिए उपस्थित नहीं होता है, तो उसके विरुद्ध कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाय।

इसी क्रम में परिवहन सचिव ने बताया कि एक मई 2026 से ट्रेनिंग प्राप्त करने वाले वाहन चालकों को प्रोत्साहित करने के लिए 100 रुपए अल्पाहार के लिए एवं 200 रुपए प्रोत्साहन स्वरूप दिए।

उपमुख्यमंत्री ने नदियों में सिल्ट (छिछलापन) की समस्या को दूर करने की ओर ध्यान दिलाया। उन्होंने कहा कि नदियों की गहराई बढ़ाई जानी चाहिए और गाद को हटाकर जलमार्गों को बेहतर बनाया जाना चाहिए।

परिवहन सचिव ने बताया कि राज्य के हर जिले में ड्राइविंग टेस्टिंग की ऐसी स्थायी व्यवस्था लागू की जा रही है, जिससे लाभार्थी पूरे साल, अपनी सुविधानुसार जाकर ड्राइविंग टेस्ट दे सकें।

समीक्षा बैठक में राज्य परिवहन आयुक्त आरिफ अहसन, परिवहन विभाग के अपर सचिव प्रवीण कुमार, अपर सचिव कृत्यानंद रंजन, उप सचिव अरुणा कुमारी सहित अन्य वरीय पदाधिकारी मौजूद थे।

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