मोतिहारी , फरवरी 01 -- बिहार के पूर्वी चंपारण और सीतामढ़ी से 25 लाख 18 हजार 5 सौ की जाली नेपाली और भारतीय मुद्रा बरामद की गयी है। इस मामले में भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने 12 लोगों को गिरफ्तार किया है।
भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने भारत-नेपाल बार्डर क्षेत्र के रक्सौल में जाली मुद्रा के बड़े कारोबारी नेटवर्क का खुलासा किया है। सीमावर्ती क्षेत्र हरैया थाना की पुलिस और सीमा सुरक्षा बल (एसएसबी) ने बड़ी कर्रवाई करते हुए 25 लाख की जाली नेपाली मुद्रा और 18,500 की जाली भारतीय मुद्रा के साथ 4 नेपाली नागरिकों समेत 10 लोगों को गिरफ्तार किया है। इस मामले में जाली मुद्रा के सप्लाई में इस्तेमाल होने वाले तीन बाइक समेत पटना नंबर की एक कार को भी जब्त किया गया है।
रक्सौल पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) मनीष आंनद ने बताया कि हरैया पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी दो बाइक सवार जाली नोट लेकर रक्सौल में आ रहे है। पुलिस ने जब दोनों बाइक सवारों को पकड़ कर हिरासत में लेकर जांच किया, तो उनके पास से साढ़े 18 हजार भारतीय जाली मुद्रा बरामद की गई। गिरफ्तार दोनों की निशानदेही पर सीतामढ़ी के मेजरगंज में छापेमारी शुरू की गई जहां से 8 लोगों के साथ 25 लाख जाली नेपाली मुद्रा, एक दर्जन मोबाइल, नोट छापने में इस्तेमाल किये जाने वाले रसायन तथा उसमे इस्तेमाल होने वाले कागज जब्त किए गए।
इस मामले में भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने बागमती प्रदेश के नेपाल निवासी 30 वर्षीय तिलक बहादुर थिंग, नेपाल के जिला बारा निवासी 31 वर्षीय सरोज कुमार और साजन कुमार, नेपाल के जिला सिरहा निवासी श्रीदेव महतो, बिहार के मधुबनी जिला के जयनगर थाना निवासी दिलीप कुमार सिंह, सीतामढ़ी के मेजरगंज थाना निवासी रौशन कुमार, राकेश सिंह, साहेब कुमार, विकास कुमार पटेल और मो. असलम को गिरफ्तार किया है।
जाली नोट के इस कारोबार में गिरफ्तार अपराधियों के विस्तृत आपराधिक इतिहास है। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार राकेश कुमार, 16 साल जेल की सजा काटकर कुछ दिन पहले ही बाहर आया था। इस पर विशेष कार्य बल (एसटीएफ) पर गोली चलाने जैसे संगीन अपराध के मामले दर्ज है। वहीं, असलम पर आर्म्स एक्ट, जाली नोट जैसे मामले पहले से ही दर्ज है। अन्य अपराधियों का आपराधिक इतिहास संकलन करने में सुरक्षा एजेंसियां लगी हैं।
उल्लेखनीय है कि नेपाल में जेन जेड आंदोलन के बाद हुए सत्ता परिवर्तन के एक माह बाद 5 मार्च को चुनाव होने हैं। इस दौरान इतने बड़े पैमाने पर नेपाली और भारतीय मुद्रा की बरामदगी ने सीमांचल को सकते में ला दिया है। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने सुरक्षा एजेंसियों को बताया है कि इस इलाके में जाली नोट का कारोबार लंबे समय से चल रहा है। जालसाज जाली नोट का ट्रांजिट रूट के रुप में वे सीतामढ़ी - मेजरगंज बॉर्डर का उपयोग कर रहे थे। यह पहला मौका था जब उनके गिरोह ने ट्रायल के तौर पर रक्सौल बॉर्डर का इस्तेमाल किया और पकड़े गए।
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