, March 11 -- मुख्यमंत्री श्री कुमार ने कहा कि 20 नवंबर, 2025 को राज्य में नई सरकार के गठन के कुछ ही दिनों बाद राज्य को देश के सर्वाधिक विकसित राज्यों की श्रेणी में शामिल करने के लिये सात निश्चय-3 के कार्यक्रमों को लागू किया गया है। उन्होंने कहा कि सात निश्चय-3 के सातवें निश्चय 'सबका सम्मान-जीवन आसान का मुख्य मकसद राज्य के सभी नागरिकों के दैनिक जीवन में आने वाली कठिनाइयों को कम कर उनके जीवन को और भी आसान बनाना है। इसे लेकर सरकार लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार का मुख्य उद्देश्य है कि सभी लोगों का सम्मान हो एवं उनका जीवन यापन आसान हो।
मुख्यमंत्री श्री कुमार ने कहा कि सभी अधिकारी संवेदनशीलता के साथ योजनाओं को क्रियान्वित करें, जिससे बिहार देश के सर्वाधिक विकसित राज्यों की श्रेणी में शामिल हो सके।उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने अगले पांच वर्षों में एक करोड़ युवाओं को नौकरी एवं रोजगार देने का लक्ष्य रखा है। राज्य में उद्योग लगाने और स्वरोजगार करने वालों को कई प्रकार की सुविधायें देकर सरकार उन्हें प्रोत्साहित कर रही है। बिहार में उद्योग लगाने के लिये उद्यमियों को विशेष आर्थिक पैकेज दिया जा रहा है इससे राज्य में उद्योग लगाने वाले उद्यमियों को काफी मदद मिलेगी। उद्योग लगाने के लिये सभी जिलों में सुविधायें दी जा रही हैं।
श्री कुमार ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य है कि बिहार में उद्योगों को और ज्यादा बढ़ावा मिले, बिहार के युवा दक्ष एवं आत्मनिर्भर हों तथा उन्हें अधिक से अधिक रोजगार मिल सके एवं उनका भविष्य सुरक्षित हो। उन्होंने कहा कि स्टार्टअप नीति बनाई गई है, जिससे युवा अपना रोजगार शुरू कर सकें। हमारे राज्य के युवा दक्ष और सक्षम हों इसके लिये सरकार काम कर रही हैं।
समीक्षा बैठक में उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी, खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्रीमती लेशी सिंह, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण मंत्री सह अररिया जिले के प्रभारी मंत्री लखेन्द्र कुमार रौशन, विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह, विशेष शाखा के पुलिस महानिदेशक कुंदन कृष्णन, संबद्ध विभागों के अपर मुख्य सचिव/ प्रधान सचिव/सचिव, मुख्यमंत्री के सचिव डॉ० चंद्रशेखर सिंह, पूर्णिया प्रमंडल के आयुक्त राजेश कुमार, पूर्णिया प्रक्षेत्र के प्रभारी पुलिस उपमहानिरीक्षक कुमार आशीष, अररिया के जिलाधिकारी विनोद दुहान, अररिया के पुलिस अधीक्षक जितेंद्र कुमार सहित अन्य वरीय अधिकारी उपस्थित थे।
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