, March 16 -- श्री कुमार ने डबल डेकर पुल का भी निरीक्षण किया। उन्होंने निरीक्षण के क्रम में बाकी बचे हुये कार्य को पूरा करने का निर्देश दिया। उन्होंने निर्देश दिया कि पटना मेट्रो रेल कॉरपोरेशन से समन्वय स्थापित कर इसे जल्द से जल्द पूरा करें। इन कार्यों के पूर्ण होने से मेट्रो से कनेक्टिविटी और बेहतर हो सकेगी।
उल्लेखनीय है कि वर्ष 2017 में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के द्वारा निश्चय यात्रा के दौरान पुराने पटना समाहरणालय परिसर के सभाकक्ष में समीक्षा बैठक के बाद जीर्ण-शीर्ण भवनों का निरीक्षण किया गया था। इन भवनों की जर्जर स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री श्री कुमार द्वारा इसी परिसर में पुराने भवनों को तोड़कर नये समाहरणालय भवन के निर्माण का निर्णय लिया गया था। पटना समाहरणालय के नये भवन का निर्माण गंगा नदी के किनारे अवस्थित समाहरणालय के पुराने परिसर में ही जीर्ण-शीर्ण भवनों को तोडकर 632 एकड़ भूखंड पर किया गया है। इस नये भवन मे कुल निर्मित क्षेत्रफल 28388 वर्गमीटर है जो पुराने समाहरणालय की तुलना में काफी ज्यादा है। नए समाहरणालय परिसर में जिला पदाधिकारी के कार्यालय के साथ-साथ जिला परिषद कार्यालय-सह-जिला विकास भवन तथा अनुमंडल पदाधिकारी सदर के कार्यालय भवन का भी निर्माण किया गया है।
पटना समाहरणालय के नये भवन के निर्माण में पर्यावरण का विशेष रूप से ध्यान रखा गया है।पटना समाहरणालय के नये भवन में सभी आधुनिक सुविधाएँ भी प्रदान की गई हैं। इसमें जल ट्रीटमेंट प्लांट तथा सिवर ट्रीटमेंट प्लांट लगाया गया है। साथ ही 40 किलोवाट का सौर उर्जा संयंत्र अधिष्ठापित किया गया है। परिसर में 204 चार पहिया वाहनों के लिए खुली पार्किंग तथा बेसमेंट में 240 वाहनों की पार्किंग की व्यवस्था है। परिसर में माननीय उच्च न्यायालय के आदेश के अनुपालन में पुराने समाहरणालय के मुख्य भवन के स्तंभों को परिसर के एक ओर सुरक्षित प्रदर्शित किया गया है जो पुराने समाहरणालय भवन के हेरिटेज को दिखाता है।
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