, April 18 -- स्टैंप ड्यूटी से प्राप्त राजस्व को पटना नगर निगम की ओर से विभिन्न नागरिक सुविधाओं एवं विकास कार्यों पर व्यय किया जाता है। इनमें सड़क निर्माण एवं मरम्मत, नाली एवं जल निकासी व्यवस्था, पेयजल आपूर्ति, स्ट्रीट लाइट, सीवरेज व्यवस्था, कचरा प्रबंधन, सफाई व्यवस्था, पार्कों का रख-रखाव तथा अन्य बुनियादी शहरी सेवाएं शामिल हैं। इस प्रकार स्टैंप ड्यूटी के रूप में प्राप्त राशि सीधे तौर पर शहर के विकास और नागरिक सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण में उपयोग होती है।

बिहार नगरपालिका अधिनियम, 2007 की धारा 155ए तथा बिहार नगरपालिका संपत्ति कर (निर्धारण, संग्रहण एवं वसूली) नियमावली, 2013 की कंडिका 13 के अनुसार प्रत्येक संपत्ति मालिक को संपत्ति के अर्जन, निबंधन, निर्माण या परिवर्तन के 30 दिनों के भीतर संपत्ति का स्व-मूल्यांकन कराना अनिवार्य है।इसी उद्देश्य से आम नागरिकों की सुविधा के लिए पटना नगर निगम द्वारा पटना सदर (छज्जूबाग) स्थित निबंधन कार्यालय में हेल्प डेस्क की व्यवस्था की गई है। यहां नागरिकों को एक ही छत के नीचे संपत्ति निबंधन, म्यूटेशन, सेल्फ असेसमेंट तथा न्यू असेसमेंट जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

पटना नगर निगम की ओर से बिहार नगरपालिका संपत्ति कर (निर्धारण, संग्रहण एवं वसूली) नियमावली, 2013 की कंडिका 12 के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही, अर्थात 30 जून 2026 तक, पूरे वित्तीय वर्ष का संपत्ति कर एकमुश्त जमा करने पर पांच प्रतिशत की छूट दी जा रही है।इस छूट का लाभ लेने के लिए बड़ी संख्या में नागरिक निगम कार्यालयों में पहुंच रहे हैं। राजस्व संग्रहण कार्य के सुचारू संचालन एवं नागरिकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पटना नगर निगम के सभी काउंटर प्रतिदिन प्रातः 9:00 बजे से सायं 7:00 बजे तक खुले रहेंगे।

पटना नगर निगम ने आम जन से अपील की है कि वे ससमय संपत्ति कर का भुगतान कर छूट का लाभ उठाएं और शहर के विकास में अपना बहुमूल्य योगदान दें।

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