, April 8 -- पटना नगर निगम क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सरकारी अस्पतालों, पुलिस स्टेशनों, न्यायालय परिसरों, कार्यालयों और अन्य सरकारी परिसरों से आवारा कुत्तों की देखभाल, पुनर्वास और विस्थापन के लिए एक बड़े डॉग शेल्टर के निर्माण का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इस कार्य के लिए निगम की ओर से रामचक बैरिया में लगभग 1.29 एकड़ भूमि चिन्हित की गई है, जहां एक साथ लगभग 2,000 कुत्तों को रखा जा सकेगा। इस संबंध में विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार कर शहरी विकास एवं आवास विभाग, बिहार को प्रस्ताव भेजा गया है।

पशु प्रेमियों और कुत्ता विरोधियों के बीच मतभेद के कारण पटना नगर निगम को कई बार अभियान के संचालन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। कई अवसरों पर कुछ लोग कुत्तों को पकड़ने का विरोध करते हैं, जबकि दूसरी ओर उपचार के बाद उन्हीं कुत्तों को उनके मूल क्षेत्र में वापस छोड़े जाने पर भी आपत्ति जताई जाती है।

नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि पकड़े गए प्रत्येक कुत्ते को अधिकतम एक सप्ताह के लिए रामचक बैरिया स्थित डॉग हॉस्पिटल में रखा जाता है, जहां उसकी नसबंदी, एंटी-रेबीज टीकाकरण, डी-वॉर्मिंग और अन्य आवश्यक उपचार किए जाते हैं। उपचार पूरा होने के बाद नियमों के अनुसार कुत्तों को उसी क्षेत्र में वापस छोड़ा जाता है, जहां से उन्हें पकड़ा गया था।

पटना नगर निगम ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे इस अभियान में सहयोग करें। जनहित और पशु कल्याण दोनों को ध्यान में रखते हुए यह कार्रवाई की जा रही है। नागरिकों के सहयोग से ही शहर को रेबीज मुक्त बनाने, कुत्ता काटने की घटनाओं को कम करने और आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या पर नियंत्रण पाने में सफलता मिलेगी।

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