पटना , मार्च 24 -- िहार विधान सभा के अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने मंगलवार को कहा कि बिहार दिवस केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि हमारी समृद्ध विरासत, सांस्कृतिक गौरव और उज्ज्वल भविष्य के संकल्प का प्रतीक है। डॉ. प्रेम कुमार आज पटना के गांधी मैदान में बिहार दिवस 2026 के समापन समारोह में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि बिहार दिवस केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि हमारी समृद्ध विरासत, सांस्कृतिक गौरव और उज्ज्वल भविष्य के संकल्प का प्रतीक है।

डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि बिहार की धरती ज्ञान, तप, त्याग और क्रांति की भूमि रही है। यह वही पावन धरती है जहाँ से विश्व को ज्ञान का प्रकाश मिला। उन्होंने कहा कि नालंदा और विक्रमशिला जैसे महान विश्वविद्यालयों ने शिक्षा के क्षेत्र में जो कीर्तिमान स्थापित किए,वे आज भी हमें प्रेरणा देते हैं। यह दिवस हमें यह याद दिलाता है कि हम सब एक महान विरासत के उत्तराधिकारी हैं। हमें अपने अतीत पर गर्व करते हुए वर्तमान में कर्मठता से कार्य करना है और भविष्य को उज्ज्वल बनाना है।

बिहार विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि आज जब हम बिहार दिवस मना रहे हैं, तो यह हमारे लिए आत्ममंथन और संकल्प लेने का भी अवसर है कि हम अपने राज्य को शिक्षा, विकास और समृद्धि के नए शिखर पर ले जाएँ। उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग की ओर से आयोजित इस आयोजन का उद्देश्य न केवल हमारे इतिहास और संस्कृति को संजोना है, बल्कि नई पीढ़ी को जागरूक करना भी है। आज का युवा ही बिहार का भविष्य है और जब युवा शिक्षित, सक्षम और जागरूक होगा, तभी बिहार विकसित और आत्मनिर्भर बनेगा।

डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार सरकार शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर सुधार और नवाचार के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि विद्यालयों के सुदृढ़ीकरण, डिजिटल शिक्षा के विस्तार और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए अनेक योजनाएँ चलाई जा रही हैं। हमें यह सुनिश्चित करना है कि शिक्षा का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचे।इस अवसर पर हम सभी मिलकर यह संकल्प लें कि हम अपने बिहार को शिक्षा, संस्कृति, उद्योग और विकास के क्षेत्र में अग्रणी बनाएँगे। हम अपने राज्य को "विकसित बिहार" के रूप में स्थापित करने के लिए निरंतर प्रयासरत रहेंगे।

डॉ. प्रेम कुमार ने शिक्षा विभाग एवं इस आयोजन से जुड़े सभी लोगों को हार्दिक बधाई दी, जिन्होंने इस भव्य कार्यक्रम को सफल बनाने में अपनी भूमिका निभाई।

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