, March 31 -- दरभंगा जिला प्रशासन के अनुसार, राज्य के शहरी विकास एवं आवास विभाग ने दरभंगा शहर के मध्य में स्थित तीनों जल निकायों के समग्र पुनरुद्धार एवं सौंदर्यीकरण के लिए बुडको को कार्यान्वयन एजेंसी नियुक्त किया है, जिसके तहत करीब 70.34 करोड़ रुपये का निविदा जारी किया गया है। इसके अलावा, तालाबों को जोड़ने के लिए बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड को लगभग 16.52 करोड़ रुपये की परियोजना सौंपी गई है। बुडको द्वारा सौदर्यीकरण के नाम पर यहां तीनों तालाब के पास घाट, रेस्टोरेंट, शौचालय, गैजेबो, खुला व्यायाम स्थल, नौका विहार स्थल, सौर प्रकाश व्यवस्था और ऑक्सीकरण संयंत्र लगाने का काम किया जा रहा है। पर्यावरण कार्यकर्ताओं का आरोप है कि इन निर्देशों के अनुपालन के बजाय "सौंदर्यीकरण" के नाम पर तालाबों में मिट्टी डाली जा रही है, जिससे उनके पारिस्थितिक स्वरूप में बदलाव हो रहा है और भविष्य में व्यावसायिक उपयोग की आशंका बढ़ रही है।

विवाद ऐतिहासिक तीन तालाबों विशेष कर हराही तालाब के दक्षिण-पश्चिम हिस्से में की जा रही मिट्टी भराई से जुड़ा है, जो तीनों जल निकायों को आपस में जोड़ने और सार्वजनिक सुविधाएं विकसित करने की प्रस्तावित योजना का हिस्सा बताया जा रहा है। हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि यह कार्य सीमित है और पार्किंग तथा पैदल पथ जैसी सुविधाओं के विकास के उद्देश्य से किया जा रहा है।

पर्यावरणविदों के अनुसार, हराही, दिघी और गंगासागर तालाब एक महत्वपूर्ण वेटलैंड तंत्र बनाते हैं, जो भूजल पुनर्भरण और जैव विविधता के लिए अहम है। उन्होंने वेटलैंड (संरक्षण एवं प्रबंधन) नियम, 2017 के तहत किसी भी प्रकार के बदलाव के लिए राज्य वेटलैंड प्राधिकरण की पूर्व अनुमति को अनिवार्य बताया है।

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