, March 19 -- डॉ. विजयलक्ष्मी ने कहा कि स्वच्छ जल एवं स्वच्छता (एसडीजी-6) के क्षेत्र में बिहार ने 98 अंक प्राप्त कर देश में तीसरा स्थान हासिल किया है। इसके साथ ही राज्य ने बहुआयामी गरीबी में उल्लेखनीय कमी लाते हुए लगभग 2.25 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकाला है। उन्होंने आर्थिक प्रगति पर प्रकाश डालते हुए कहा कि बिहार की जीएसडीपी वृद्धि दर वर्ष 2024-25 में 13.1 प्रतिशत रही है, जो राष्ट्रीय औसत से अधिक है। प्रति व्यक्ति आय में भी निरंतर वृद्धि दर्ज की गई है, जो राज्य के आर्थिक सशक्तिकरण का संकेत है।

डॉ. विजयलक्ष्मी ने लैंगिक समानता :एसडीजी5 के क्षेत्र में राज्य की प्रगति को रेखांकित करते हुए कहा कि महिला सशक्तिकरण बिहार सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। जीविका, मुख्यमंत्री महिला उद्यमी योजना, तथा अन्य कार्यक्रमों के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक एवं सामाजिक रूप से सशक्त बनाया जा रहा है। पंचायती राज संस्थाओं में महिलाओं की भागीदारी 50 प्रतिशत से अधिक होना इस दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने बताया कि महिला श्रम बल भागीदारी दर में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जो 2017-18 के लगभग 4 प्रतिशत से बढ़कर 2023-24 में 32 प्रतिशत तक पहुंच गई है। साथ ही महिलाओं की वित्तीय एवं सामाजिक भागीदारी में भी व्यापक सुधार हुआ है।

अपर मुख्य सचिव ने कहा कि भविष्य में राज्य सरकार साक्ष्य-आधारित योजना निर्माण को और मजबूत करेगी तथा जेंडर बजटिंग को एसडीजी के साथ जोड़कर नीति निर्माण को अधिक प्रभावी बनाएगी। साथ ही महिलाओं एवं बालिकाओं के स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा एवं आर्थिक सशक्तिकरण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि विभागों के बीच बेहतर समन्वय, तकनीकी नवाचार और जन-जागरूकता के माध्यम से बिहार सतत विकास लक्ष्यों की प्राप्ति की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस राष्ट्रीय कार्यशाला से प्राप्त सुझाव एवं अनुभव राज्य के विकास प्रयासों को और अधिक प्रभावी बनाएंगे तथा बिहार को एसडीजी की प्राप्ति में अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित करेंगे।

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