, Jan. 14 -- 17 जनवरी को बिहार पुलिस अकादमी राजगीर में दीदी की रसोई का शुभारंभ होगा। यहां एकसाथ 1600 नवनियुक्त पुलिस कर्मी के लिए भोजन और नाश्ते की व्यवस्था दीदी की रसोई में की जाएगी। इसके लिए इस स्थान पर 150 जीविका दीदियां अलग-अलग शिफ्ट में अपनी सेवा देंगी। इसी के साथ सरकार की मंशा के अनुसार राज्य के सभी जिला अस्पताल और कलेक्ट्रेट में दीदी की रसोई संचालित करने की योजना है।

दीदी की रसोई में बनने वाले व्यंजन की निगरानी के लिए विभाग ने अन्नपूर्णा जीविका उत्पादक कंपनी को जिम्मेदारी सौंप रखी है। राज्य भर में मेडिकल कॉलेज,अनुंडलीय अस्पताल,अनुसूचित जाति-अनुसूचित जनजाति आवासीय स्कूल,पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग आवासीय स्कूल,अल्पसंख्यक कल्याण आवासीय स्कूल,बिहार इंस्टिट्यूट ऑफ मेंटल हेल्थ एंड अलाइज साइंसेज (बीआईएमएचएएस),पटेल भवन पटना,पुलिस प्रशिक्षण केंद्र (बीएसएपी, पुलिस लाइन),जिला मुख्यालय स्तर पर बस डिपो,प्रखंड मुख्यालय,बिहार पुलिस अकादमी,अनुमंडल कार्यालय,समाहरणालय परिसर,प्रखंड स्तरीय कैंटीन,वृद्धाश्रम,विभिन्न शासकीय एवं सार्वजनिक संस्थान में रसोई का संचालन किया जा रहा है।

दीदी की रसोई का संचालन संबंधित संस्थान के कार्य-समय एवं आवश्यकता के अनुरूप किया जा रहा है। मुख्य रूप से अस्पताल परिसर सुबह करीब आठ बजे नाश्ता, दोपहर एक बजे और रात आठ बजे भोजन की सुविधा रहती है। रसोई के सुचारु एवं समयबद्ध संचालन को सुनिश्चित करने के लिए दीदी अपने निर्धारित सेवा-समय से पूर्व सामान्य रूप से सुबह छह बजे संस्थान में उपस्थित हो जाती हैं। यहां रसोई की साफ-सफाई के साथ दिन भर रसोई संबंधी गतिविधियां चलती रहती हैं।

बिहार के ग्रामीण विकास एवं परिवहन मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि दीदी की रसोई ,अस्पताल, स्कूल, सरकारी संस्थान और दूसरे सार्वजनिक स्थलों पर लोगों को सिर्फ भोजन उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है। यह ग्रामीण महिलाओं को स्वावलंबी और सशक्त बनाने का एक सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि राज्य में करीब 340 समूह के सहारे करीब छह हजार से भी अधिक महिलाओं को रोजगार उपलब्ध कराया गया है।

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