, Feb. 24 -- इससे पहले कार्यक्रम की शुरुआत राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के अपर सचिव आजीव वत्सराज के स्वागत भाषण से हुई। उन्होंने कहा कि यह प्रशिक्षण अत्यंत गंभीर और महत्वपूर्ण है तथा सभी मास्टर ट्रेनरों को इसे छात्र की तरह ग्रहण करना चाहिए। किसी भी प्रकार की शंका को तत्काल पूछकर स्पष्ट कर लेना आवश्यक है। उन्होंने बताया कि इस बार पूरी प्रक्रिया डिजिटल मोड में होगी और कंपाइल शीट बनाने की आवश्यकता नहीं होगी। सभी जानकारियां ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज की जाएंगी, जो फिलहाल डेवलपिंग स्टेज में है और समय-समय पर इसकी जानकारी साझा की जाती रहेगी।उन्होंने कहा कि कार्य की सफलता के लिए आत्मविश्वास और सरल संवाद शैली आवश्यक है। आमलोगों तक पहुंच बनाने के लिए भाषा सहज और स्पष्ट होनी चाहिए। सभी जिलाधिकारियों को भी प्रशिक्षित किया जा चुका है, लेकिन जिले में जनगणना से जुड़े सभी कर्मियों को प्रशिक्षित करने की जिम्मेदारी मास्टर ट्रेनरों की ही होगी। समयबद्ध रिपोर्टिंग को भी उन्होंने कार्य का अहम हिस्सा बताया। इसके बाद विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर प्रशिक्षण सत्र प्रारंभ हुआ। जनगणना कार्य निदेशालय के उप निदेशक संजीव कुमार साव, अरुण मुंडा, निरंजन कुमार तथा सहायक निदेशक अंगद सिंह ने विभिन्न विषयों पर विस्तृत प्रशिक्षण दिया।

इस अवसर पर राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के सहायक निदेशक सुधांशु शेखर, अमरेंद्र कुमार, सुमित कुमार आनंद, सुधीर कुमार ओंकारा, सुजाता प्रत्यूष सहित I' अधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे।

उपमुख्यमंत्री और राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि भारत की जनगणना 2027 केवल एक प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण का आधार स्तंभ है। उन्होंने कहा कि यह देश की विकास नीतियों, संसाधनों के न्यायसंगत वितरण और भविष्य की योजनाओं के वैज्ञानिक निर्धारण का मूल आधार बनती है। बिहार में लगभग तीन लाख कर्मियों की भागीदारी और 140 मास्टर ट्रेनरों की जिम्मेदारी इस अभियान के व्यापक स्वरूप को दर्शाती है।

डिजिटल मोड में मकान सूचीकरण और 33 बिंदुओं पर विस्तृत सर्वेक्षण की प्रक्रिया पारदर्शिता, सटीकता और समयबद्धता सुनिश्चित करेगी। उन्होंने कहा कि सेन्सस मैनेजमेंट मॉनिटरिंग सिस्टम (सीएमएमएस) के माध्यम से निगरानी व्यवस्था इसे और अधिक प्रभावी बनाएगी।

श्री सिन्हा ने कहा कि सभी मास्टर ट्रेनरों और जनगणना से जुड़े कर्मियों से आह्वान किया कि वे इसे राष्ट्रीय कर्तव्य और जनसेवा का अवसर मानते हुए पूरी निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें। उन्होंने कहा कि बिहार इस राष्ट्रीय अभियान में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर देश के सामने एक आदर्श स्थापित करेगा।

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