पटना, मार्च 26 -- िहार चैम्बर ऑफ कॉमर्स ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, श्रम संसाधन एवं प्रवासी कल्याण मंत्री संजय सिंह टाइगर तथा सचिव, श्रम संसाधन एवं प्रवासी कल्याण विभाग, बिहार से अनुरोध किया है कि जिस प्रकार से दिल्ली सरकार ने छोटे-छोटे व्यापारियों को श्रम कानूनों से राहत प्रदान किया है, उसी प्रकार से बिहार में भी छोटे-छोटे व्यवसायियों को श्रम कानूनों में राहत प्रदान किया जाए, जिससे कि उन्हें अनावश्यक प्रशासनिक बोझ के भार से राहत मिल सके । चैम्बर अध्यक्ष पी.के. अग्रवाल ने आज बयान जारी कर कहा कि दिल्ली में व्यापार को सहज एवं सरल बनाने के उद्देश्य से दिल्ली सरकार के विधि, न्याय एवं विधायी कार्य विभाग की ओर से 11 मार्च 2026 को गजट अधिसूचना संख्या जारी किया गया है,जिसके तहत 20 से कम कर्मचारियों वाले दुकानों एवं कामर्शियल संस्थानों पर श्रम कानून लागू नहीं होंगे। अधिसूचना के अनुसार दिल्ली दुकान एवं प्रतिष्ठान अधिनियम अब केवल उन संस्थानों पर लागू होगा, जहाँ पर 20 या उससे अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं ।
श्री अग्रवाल ने बताया कि बिहार में भी छोटे-छोटे व्यवसायियों की संख्या लाखों में है और श्रम कानून के अन्तर्गत आने से उन्हें अनावश्यक प्रशासनिक बोझ का ससमय अनुपालन करना होता है जो उनके लिए काफी कठिन होता है ।
श्री अग्रवाल ने बताया कि छोटे-छोटे व्यवसायियों को श्रम कानूनों से राहत पहुँचाने पर छोटे और सूक्ष्म उद्यमों को जटिल नियामक अनुपालनों से राहत मिलेगी, छोटे व्यवसायों के औपचारिकरण और विकास को बढ़ावा मिलेगा और व्यापार करने में आसानी के साथ रोजगार सृजन और औद्योगिक विकास को गति मिलेगी । उन्होंने कहा कि चैम्बर को ऐसा विश्वास है कि यह कदम बिहार के व्यापारिक समुदाय को अत्यधिक लाभ पहुंचाएगा और बिहार के व्यवसायियों को देश भर में लागू किए जा रहे प्रगतिशील नीतिगत सुधारों के साथ कदम-से-कदम मिलाकर चलने में सक्षम बनाएगा।
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