पटना , अप्रैल 07 -- राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) तथा बिहार राज्य दुग्ध सहकारी संघ (कॉम्फेड) ने भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन के सहयोग से बिहार के सभी 38 जिलों में हरा चारा मानचित्रण अध्ययन आरंभ करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की है। बिहार के डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग के सचिव श्री शीर्षत कपिल अशोक ने कहा कि राज्य में दुग्ध उत्पादन को सुदृढ़ बनाने के लिए वैज्ञानिक एवं तकनीकी उपायों को अपनाना अत्यंत आवश्यक है।

कॉम्फेड के प्रबंध निदेशक समीर सौरभ ने कहा कि हरा चारा मानचित्रण से पशुपालकों को बेहतर योजना निर्माण में सहायता मिलेगी तथा दुग्ध उत्पादन की लागत को नियंत्रित किया जा सकेगा।

हरा चारा मानचित्रण अध्ययन का मुख्य उद्देश्य राज्य में चारा फसलों के क्षेत्रफल एवं विभिन्न किस्मों का सटीक आकलन करना है। दुग्ध उत्पादन की कुल लागत में चारा एवं पशु आहार का लगभग 70 प्रतिशत योगदान होता है। ऐसे में हरे चारे की उपलब्धता, गुणवत्ता एवं सतत आपूर्ति सुनिश्चित करना अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह अध्ययन चारे की फसल के क्षेत्र, गुणवत्ता वाले बीजों की उपलब्धता तथा सिंचाई सुविधाओं के आधार पर समग्र स्थिति का वैज्ञानिक विश्लेषण प्रदान करेगा।

इस पहल के माध्यम से राज्य में डेटा आधारित नीति निर्माण एवं रणनीति तैयार करने में सहायता मिलेगी, जिससे दुग्ध उत्पादन को अधिक लाभकारी एवं टिकाऊ बनाया जा सकेगा।

बिहार सरकार, एनडीडीबी एवं कॉम्फेड के संयुक्त प्रयास से यह पहल राज्य के पशुपालकों के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोलेगी और दुग्ध क्षेत्र के समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित