पटना , फरवरी 26 -- राज्य के शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने बिहार विधान परिषद में गुरुवार को घोषणा की कि राज्य के हर प्रखंड में एक मॉडल स्कूल स्थापित किया जायेगा और प्रत्येक प्रखंड में डिग्री कॉलेज भी खोले जायेंगे।

शिक्षा मंत्री श्री कुमार ने कहा कि स्कूलों को आधुनिक तकनीक से जोड़ा जायेगा और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित शिक्षा प्रणाली को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जायेगा, जिससे छात्रों को नई तकनीक के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके।

विधान पार्षद सर्वेश कुमार की ओर से बड़े स्कूल निर्माण की मांग पर जवाब देते हुये मंत्री श्री कुमार ने बताया कि वर्ष 2005 में बिहार में 65 छात्रों पर एक शिक्षक उपलब्ध थे, जबकि वर्तमान में यह अनुपात घटकर 29 छात्रों पर एक शिक्षक हो गया है। उन्होंने इसे शिक्षा क्षेत्र में बड़ा सुधार बताया और कहा कि सरकार गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिये लगातार नियुक्तियां और आधारभूत संरचना मजबूत कर रही है।

वंशीधर ब्रजवासी के सवाल पर शिक्षा मंत्री ने जानकारी दी कि शिक्षा के अधिकार (आरटीई) के तहत निजी स्कूलों में नामांकन के लिये 84 हजार से अधिक आवेदन प्राप्त हुये हैं। इन आवेदनों के आधार पर प्रवेश प्रक्रिया शुरू की जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि पात्र बच्चों को समय पर नामांकन का लाभ मिले।

वहीं, विधान पार्षद डॉ अजय कुमार सिंह ने सहरसा स्थित रविनंदन मिश्र स्मारक विधि महाविद्यालय में वर्ष 2020 से नामांकन बंद होने का मुद्दा उठाया, जिस पर शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने कहा कि महाविद्यालय को पुनः संचालित करने के लिये संबंधित अधिकारियों के साथ शीघ्र बैठक की जायेगी। बैठक के बाद नामांकन प्रक्रिया बहाल करने की दिशा में आवश्यक कदम उठाए जायेंगे।

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