पटना , जनवरी 28 -- राज्य में आपदाओं से आम लोगों की सुरक्षा और आपात स्थितियों में त्वरित और प्रभावी प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने के लिये सभी 38 जिलों में जिला आपातकालीन प्रतिक्रिया सुविधा सह प्रशिक्षण केंद्र का निर्माण कराया जा रहा है।

यह जानकारी आपदा प्रबंधन विभाग के संयुक्त सचिव नद्दीमुल हक ने बुधवार को सूचना भवन में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में दी।

उन्होंने बताया कि प्रथम चरण में भागलपुर, पूर्णिया, अररिया, सारण, खगड़िया, पूर्वी चंपारण, किशनगंज, मुंगेर, दरभंगा, पश्चिम चंपारण, सहरसा, नालंदा, बक्सर, गोपालगंज, गया जी, मधुबनी और समस्तीपुर समेत 17 जिलों में इन केंद्रों का निर्माण पूरा हो चुका है। पटना जिले में निर्माण कार्य प्रगति पर है, जबकि शेष 20 जिलों में जल्द ही निर्माण कार्य पूरा कर लिया जायेगा।

संयुक्त सचिव श्री हक ने बताया कि वर्ष 2025 में राज्य में नदी, तालाब और पोखरों में डूबने से लगभग 2,098 लोगों की मौत हुई। डूबने से होने वाली मौतों में वर्ष 2030 तक 50 प्रतिशत की कमी लाने के उद्देश्य से 6 से 10 वर्ष तथा 11 से 18 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों के लिये सुरक्षित तैराकी कार्यक्रम शुरू किया गया है। इसके तहत अब तक 16,374 युवक- युवतियों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है।

बाढ़ की स्थिति पर जानकारी देते हुये उन्होंने कहा कि वर्ष 2025 में राज्य के 23 जिलों के 102 प्रखंडों की 601 पंचायतें बाढ़ से प्रभावित हुईं। लगभग 2,700 गांवों में 48 लाख आबादी और 2.11 लाख पशु बाढ़ की चपेट में आये। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) और राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) के सहयोग से 63,564 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। इस दौरान 18 राहत शिविर संचालित किये गये, जहां करीब 15,000 विस्थापितों के लिये भोजन, आवास और शौचालय की समुचित व्यवस्था की गई।

उन्होंने बताया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में 1,100 से अधिक सामुदायिक रसोई के माध्यम से लगभग 1.05 करोड़ थाली भोजन वितरित किये गये। आवागमन के लिये 12 मोटरबोट, 115 सरकारी नावें और 1,943 निजी नावों का उपयोग किया गया। वित्तीय वर्ष 2025- 26 में बाढ़ प्रभावित 9,71,678 परिवारों को प्रति परिवार 7,000 रुपये की दर से कुल 680.17 करोड़ रुपये की अनुग्रह राशि दी गई। वहीं, क्षतिग्रस्त फसलों के लिये कृषि इनपुट अनुदान के रूप में 283.89 करोड़ रुपये आवंटित किये गये।

शिक्षा के क्षेत्र में आपदा जागरूकता पर जोर देते हुये श्री हक ने कहा कि शिक्षा विभाग के माध्यम से राज्य के सभी प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालयों (सरकारी, निजी और मदरसा सहित) में मुख्यमंत्री विद्यालय सुरक्षा कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है। वर्ष 2025 में इसके अंतर्गत 4,363 शिक्षकों को प्रशिक्षित किया गया। इनमें 1,057 मध्य विद्यालय और 3,306 माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षक शामिल हैं। इन्हें पटना स्थित चंद्रगुप्त संस्थान में दो दिवसीय राज्य स्तरीय प्रशिक्षण दिया गया। इसके अलावा 1,005 मदरसों के फोकल शिक्षकों को अंजुमन तरक्की उर्दू भवन में प्रशिक्षण प्रदान किया गया।

संवाददाता सम्मेलन में आपदा प्रबंधन विभाग के विशेष कार्य पदाधिकारी राजीव कुमार सिन्हा, संदीप कुमार समेत कई अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।

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