पटना , दिसंबर 20 -- बिहार कला एवं संस्कृति विभाग अंतर्गत बिहार राज्य फिल्म विकास एवं वित्त निगम लि. की ओर से शनिवार को "कॉफ़ी विद फिल्म" कार्यक्रम के तहत बिहार की लोक-परम्पराओं को समृद्धि देने वाली फिल्म "नदिया के पार" का प्रदर्शन किया गया।

वर्ष 1982 में प्रदर्शित कालजयी फिल्म नदिया के पार का प्रदर्शन "कॉफ़ी विद फिल्म" कार्यक्रम के अंतर्गत स्थानीय हॉउस ऑफ़ वेरायटी, रीजेंट सिनेमा में किया गया।

फिल्म निगम के सलाहकार अरविन्द रंजन दास ने बताया कि भोजपुरी फिल्मों और गानों की गिरती साख ने बिहार से जुड़ी फिल्मों के प्रति अत्यंत नकारात्मक माहौल बना दिया है। इसलिए यह ज़रूरी हो गया है कि बिहार की गौरवशाली विरासत, समृद्ध परम्पराओं और यहां की संस्कृति की जड़ों से जुड़ी हुई फिल्मों का प्रदर्शन कर एक रचनात्मक माहौल तैयार किया जाए। फिल्म निगम के प्रबंध निदेशक प्रणव कुमार तथा महाप्रबंधक श्रीमती रूबी द्वारा बिहार फिल्म प्रोत्साहन नीति के माध्यम से बिहार में फिल्म उद्योग के विकास के लिए हर संभव प्रयास किये जा रहे हैं।

उल्लेखनीय है कि राजश्री प्रोडक्शंस के बैनर तले निर्मित फिल्म "नदिया के पार" के निर्देशक गोविन्द मुनीस तथा निर्माता ताराचंद बड़जात्या हैं। स्व. रविंद्र जैन रचित कर्णप्रिय गीतों से सुसज्जित इस फिल्म का संगीत बहुत लोकप्रिय रहा है। इसके कालजयी गीत "कौन दिशा में लेके चला रे बटोहिया" के गीत कवर वर्सन आज भी बनाये जाते हैं। इस फिल्म में सचिन, साधना सिंह और इंदर ठाकुर ने अहम भूमिका निभायीथी।

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