भागलपुर , मार्च 29 -- जनसुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने रविवार को कहा कि बिहार की राजनीति में अब पूरी तरह से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह का बर्चस्व कायम हो जाएगा और अगले मुख्यमंत्री वही बनेगा, जिसे इन दोनों नेताओं का विश्वास प्राप्त होगा।

श्री किशोर ने कहा कि सदन में 202 विधायकों के समर्थन के बाद भी बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जिस तरह से कुर्सी से उतार कर राज्यसभा भेजे जा रहे हैं, वह साफ बताता है कि बिहार की राजनीति में अब किसका दबदबा बनने वाला है।

जनसुराज के सूत्रधार ने कहा कि बिहार की नई व्यवस्था में अब शिक्षा के क्षेत्र में कोई सुधार नही होगा, बेरोजगारी कायम रहेगी और पलायन पहले की तरह जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि जब जनता ने बिहार की उन्नति के पक्ष में मतदान ही नही किया है तो प्रदेश के लड़को का मजदूर बन कर गुजरात जाने का क्रम जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि बिहार की जनता को अगले चार साल तक प्रदेश में भ्रष्टाचार कम होने की उम्मीद नहीं करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि एक ऐसी व्यवस्था जो भ्रष्ट नेताओं के समूह से बनी है, उसमें भ्रष्टाचार मुक्त समाज की कल्पना करना ठीक नही होगा।

श्री किशोर ने बिहार में बिगड़ी कानून व्यवस्था की बात करते हुए पिछले दिनों हुई 'नीट' छात्रा की मौत की चर्चा की और कहा कि पहले पुलिस इस मामले को रफा दफा करने के चक्कर मे थी। उन्होंने कहा कि जब जनसुराज की टीम जहानाबाद में पीड़िता के परिवार से मिली, उसके बाद सरकार हरकत में आई। उन्होंने कहा कि यह मामला पहले विशेष जांच दल (एसआईटी) और बाद में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को सौंप दिया गया है। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक जांच कह रही है कि इस मामले में कुछ गलत हुआ है, लेकिन लोगों का यह भी कहना है कि इस मामले में रसूखदार लोगों के नाम होने के कारण इसे रफा दफा करने की कोशिश हो सकती है। उन्होंने कहा कि सीबीआई इस मामले में यदि समुचित काम नही करेगी तो जनसुराज पार्टी न्याय दिलाने के लिए फिर से पहल करेगी।

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