, March 15 -- केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि आज कृषि के क्षेत्र में नवाचार एवं नई तकनीकों को अपनाना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि दुनिया के कई देशों में आधुनिक खेती के तरीके तेजी से विकसित हो रहे हैं। भारत को भी कृषि क्षेत्र में अनुसंधान और तकनीक को बढ़ावा देकर उत्पादन बढ़ाने और किसानों की आय में वृद्धि करने की दिशा में आगे बढ़ना होगा।

श्री चौधरी ने विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे संस्थान किसानों को नई तकनीक और वैज्ञानिक जानकारी देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि जब वैज्ञानिकों का ज्ञान और किसानों का अनुभव एक साथ जुड़ता है, तब कृषि क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव संभव होता है।

केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि विश्वविद्यालय में चल रहे अनुसंधान और किसानों के लिए किए जा रहे प्रयास सराहनीय हैं। उन्होंने कहा कि किसान मेला जैसे आयोजनों के माध्यम से किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों, उन्नत बीजों और नई खेती पद्धतियों की जानकारी मिलती है, जिससे वे अपनी खेती को अधिक लाभकारी बना सकते हैं।

समापन समारोह में कुलपति डाँ पी.एस.पाण्डेय ने विश्वविद्यालय द्वारा उन्नत खेती समेत शोध कार्यों पर विस्तृत चर्चा की।

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