पटना , जनवरी 23 -- आजाद हिन्द फौज के संस्थापक एवं भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष नेताजी सुभाष चन्द्र बोस की 129 वीं जयन्ती शुक्रवार को प्रदेश कांग्रेस कमिटी के मुख्यालय सदाकत आश्रम में मनायी गई।

इस अवसर पर वहां उपस्थित नेताओं और कार्यकर्ताओं ने नेताजी सुभाषचन्द्र बोस के तैल चित्र पर माल्यार्पण किया गया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मीडिया विभाग के चेयरमैन राजेश राठौड़ ने कहा कि नेताजी के त्याग एवं बलिदान की कहानियाँ आज भी देशवासियों को प्रेरणा देती है। उन्होंने कहा कि देश की सर्वोच्च सेवा आई.सी.एस. की परीक्षा में उच्च स्थान पाने के बाद भी उन्होंने उसे त्याग कर देश की आजादी की लड़ाई में कूदने का फैसला किया।

श्री राठौड़ ने कहा कि 1938 में नेताजी भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष बने। उनकी संगठन क्षमता अद्वितीय थी। सुभाष चन्द्र बोस 1939 में भी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष निर्वाचित हुए। भारत को स्वतंत्र कराने के लिये नेताजी सुभाष चन्द्र बोस ने करीब पैंतीस हजार सिपाहियों की आजाद हिन्द फौज की सेना खड़ी की और आजादी की लड़ाई में महती भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि नेताजी में अद्भुत राष्ट्रीयता एवं देश समर्पण की भावना थी।

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