, March 17 -- मुख्य सचिव ने फेज 1 के अंतर्गत चिन्हित सभी प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में शीघ्र प्रगति करते हुए लक्ष्यों की प्राप्ति सुनिश्चित करने पर बल दिया। उन्होंने सभी विभागों को निर्देश दिया कि फेज 1 के सभी प्राथमिकता क्षेत्रों में जल्द से जल्द प्रगति सुनिश्चित करते हुए लक्ष्यों की प्राप्ति करें।

श्री अमृत ने निर्देश दिया कि फेज II के अंतर्गत सभी संबंधित विभाग अपने-अपने क्षेत्रों में अधिनियम, नियम एवं नीतियों के माध्यम से आवश्यक प्रक्रियात्मक सुधारों की दिशा में कार्य करें तथा निर्धारित समयसीमा के भीतर लक्ष्यों की प्राप्ति सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि अंतरविभागीय समन्वय, कार्यों का समेकन एवं प्रगति की सतत निगरानी उद्योग विभाग द्वारा की जाएगी।

कंप्लायंस रिडक्शन एवं डीरेगुलेशन के माध्यम से राज्य में ईज़ ऑफ़ डूइंग बिज़नेस एवं इज ऑफ लिविंग को बढ़ावा मिलेगा। इसके परिणामस्वरूप आर्थिक गतिविधियों एवं नए व्यवसायों की स्थापना को प्रोत्साहन मिलेगा, नवाचार को बढ़ावा मिलेगा तथा अनुपालन लागत में कमी आएगी। साथ ही, उत्पादकता एवं सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में वृद्धि होगी, विभिन्न उद्योगों को क्षेत्र-विशिष्ट लाभ प्राप्त होंगे, निवेश आकर्षण एवं प्रतिस्पर्धा में वृद्धि होगी तथा उद्यमों को अधिक परिचालन स्वतंत्रता प्राप्त होगी।

इस अवसर पर पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अपर मुख्य सचिव आनंद किशोर, कृषि विभाग के प्रधान सचिव नर्मदेश्वर लाल, स्वास्थ्य विभाग के सचिव लोकेश सिंह, उद्योग विभाग के सचिव कुंदन कुमार, ऊर्जा विभाग के सचिव मनोज कुमार तथा पर्यटन विभाग के सचिव निलेश देवरे सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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