, April 11 -- वर्तमान में पटना नगर निगम क्षेत्र में लगभग 3.06 लाख संपत्तियां पंजीकृत हैं। पिछले वर्षों में पटना के तेजी से हुए विस्तार, सड़कों की श्रेणी के पुनर्निर्धारण एवं संपत्तिधारकों की ओर से किए गए सेल्फ असेसमेंट के मद्देनजर पटना नगर निगम द्वारा बिजली कनेक्शन के आधार पर सभी आवासीय एवं गैर-आवासीय संपत्तियों का सर्वे एवं असेसमेंट किया जाएगा। साथ ही, ऐसे संपत्तिधारकों पर कार्रवाई की जाएगी, जिन्होंने सेल्फ एसेसमेंट के दौरान गलत जानकारी दी है।
बिहार नगरपालिका संपत्ति कर (निर्धारण, संग्रहण एवं वसूली) नियमावली, 2013 के अनुसार 30 जून से पहले संपत्ति कर जमा करने वाले सभी संपत्तिधारकों को पांच प्रतिशत की अनिवार्य छूट दी जा रही है। संपत्तिधारक ऑनलाइन माध्यमों जैसे पटना नगर निगम पोर्टल, अधिकृत यूपीआई ऐप्स जैसे पेटीएम, भीम, गूगल-पे आदि के माध्यम से संपत्ति कर जमा कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त निगम मुख्यालय एवं अंचल कार्यालयों में जाकर भी कर जमा किया जा सकता है।
उल्लेखनीय है कि वित्तीय वर्ष की दूसरी तिमाही (जुलाई से सितंबर) में संपत्ति कर भुगतान पर कोई छूट नहीं दी जाती है। वहीं, तीसरी तिमाही प्रारंभ होने पर कर जमा नहीं करने वालों को डिफॉल्टर की श्रेणी में रखते हुए निगम की ओर से कार्रवाई प्रारंभ की जाती है। अक्टूबर से बकाया संपत्ति कर पर प्रति माह 1.5 फीसदी की दर से शास्ति (ब्याज) अधिरोपित किया जाता है।
निगम ने पटनावासियों से अपील की है कि वे 30 जून से पहले ही संपत्ति कर जमा कर पांच प्रतिशत छूट का लाभ उठाएं।
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