, March 17 -- एडीजी ने बताया कि बिहार के बाहर जाकर स्वापक नियंत्रण ब्यूरो के स्तर से भी बड़े स्तर पर कार्रवाई की गई है। उन्होंने बताया कि 2024 में राज्य के बाहर चार छापेमारी हुई। ये सभी छापेमारी झारखंड में हुई। 2025 में राज्य के बाहर 38 छापेमारी हुई, जिसमें झारखंड में 15, उत्तर प्रदेश में 17, छत्तीसगढ़ में चार और मध्य प्रदेश में 02 शामिल हैं। इसमें दो लाख 27 हजार 182 लीटर अवैध शराब बरामद की गई। इस दौरान 55 वाहन भी जब्त किए गए। 2026 में अब तक उत्तर प्रदेश में दो और झारखंड में एक छापेमारी की गई, जिसमें 25 हजार 997 लीटर अवैध शराब जब्त की गई है। इस दौरान तीन वाहन जब्त करने के साथ ही पांच लोगों की गिरफ्तारी की गई है।

श्री जैन ने बताया कि वर्ष 2025 में 48 हजार 780 कारोबारी या आपूर्तिकर्ता, 76 हजार 795 पीने वाले समेत एक लाख 25 हजार 575 लोगों की गिरफ्तारी की गई है। इसी तरह मौजूदा वर्ष में फरवरी तक आठ हजार 72 कारोबारी और 14 हजार 755 पीने वालों को मिलाकर कुल 22 हजार 827 लोगों की गिरफ्तारी की गई है। उन्होंने कहा कि बिहार के बाहर अन्य राज्यों से 2025 में 17 और 2026 में दो बड़े शराब कारोबारी को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है।

एडीजी ने बताया कि मद्यनिषेध के मामलों में 2025 के दौरान 152 कांड में 203 लोगों को सजा दिलाई गई है। इसमें दो लोगों को आजीवन कारावास, 20 अपराधियों को 10 वर्ष से अधिक की सजा और 177 को 10 वर्ष से कम की सजा दी गई है। 2026 में 10 कांड में 12 लोगों को सजा दी गई है। इसके अलावा मादक पदार्थों की बरामदगी भी तेजी हो रही है। इस वर्ष फरवरी तक सात हजार 415 किलो गांजा, 14 किलो चरस, 8.64 किलो हेरोइन या ब्राउन सुगर, 53 किलो डोडा के अलावा 50 हजार 439 कैप्सूल, 15 हजार 774 पीस इंजेक्शन और 9 हजार 743 लीटर कफ सिरप की बरामदगी की गई है। उन्होंने कहा कि सभी जिलों को मादक पदार्थ एक्ट के अंतर्गत की गई कार्रवाई से जुड़े मानक संचालन नियमावली भेज दी गई है, जिससे इसके आधार पर कार्रवाई की जा सके।

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