समस्तीपुर , जनवरी 31 -- मगध विश्वविद्यालय, बोधगया के पूर्व कुलपति डॉ.मो. इश्तेयाक ने शनिवार को कहा कि बिना प्रशिक्षण कोई भी शिक्षक बच्चों को सही शिक्षा नहीं दे सकते हैं।
समस्तीपुर के मथुरापुर स्थित मौलाना मजहरुल हक टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेज सभागार में "नई शिक्षा नीति मे शिक्षकों की बदलती भूमिका, एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा"विषय पर आज से दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सेमिनार शुरू हुआ।
पूर्व कुलपति डॉ.मो. इश्तेयाक ने इस अवसर पर कहा कि शिक्षा के बिना विकास अधूरा है। उन्होंने कहा कि यह सेमिनार छात्रों एवं शिक्षकों को शिक्षा के प्रति जागरूक करेगा। उन्होंने कहा कि प्राईमरी से विश्वविद्यालय तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए शिक्षकों को भी पूरी तरह से प्रशिक्षित होना जरुरी है, क्योंकि बिना प्रशिक्षण कोई भी शिक्षक बच्चों को सही शिक्षा नहीं दे सकते।
सेमिनार को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद, पूर्वोत्तर क्षेत्रिय समिति,नई दिल्ली के अध्यक्ष डॉ. दिव्यज्योति महानता ने कहा कि इस सेमिनार मे विकसित भारत एवं नई शिक्षा नीति समेत शिक्षा से सम्बंधित महत्वपूर्ण विषयों पर विचार -विमर्श किया जायेगा।
मौलाना मजहरुल हक टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेज,समस्तीपुर के सेक्रेटरी सह सेमिनार के आयोजक अब्दुल सईद ने बताया कि यह सेमिनार शिक्षकों को 21वीं सदी की चुनौतियों के अनुरूप तैयार करने, शिक्षक प्रशिक्षण की गुणवत्ता बढ़ाने तथा शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन में सहायक सिद्ध होगा।इस सेमिनार मे भारत समेत विभिन्न क्षेत्रों के प्रमुख शिक्षाविद एवं शोधकर्ता भाग ले रहे है।
इस सेमिनार को कॉलेज के चेयरमैन मो.अबू तमीम ने भी संबोधित करते हुए कहा कि यह सेमिनार बिहार का पहला सेमिनार है जो उत्तर बिहार के किसी बीएड कॉलेज में हो रहा है।
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