जयपुर , जनवरी 31 -- राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बिना त्वरित न्याय के विकास अधूरा बताते हुए कहा है कि 'न्याय में देरी, न्याय से इन्कार के समान है'- इस कथन को हमारी सरकार गंभीरता से ले रही है और प्रदेश के अंतिम व्यक्ति तक न्याय पहुंचाना उसकी प्राथमिकता है जो अधिवक्ताओं के सहयोग से ही यह संभव हो सकता है।

श्री शर्मा शनिवार को राजस्थान हाईकोर्ट बार एसोसिएशन जयपुर के शपथ ग्रहण एवं स्वर्ण जयंती समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने अधिवक्ताओं को न्याय व्यवस्था की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी बताते हुए कहा कि वे केवल वकालत नहीं करते, समाज की आत्मा की आवाज बनते हैं एवं शोषित की पुकार सुनते हैं और उसे न्याय दिलाते हैं।

उन्होंने कहा कि अधिवक्ता मौलिक अधिकारों के रक्षक और लोकतंत्र के प्रहरी हैं। इनकी तर्कशक्ति, ज्ञान और प्रतिबद्धता ही न्याय का आधार है। उन्होंने कहा कि हर लोकतांत्रिक व्यवस्था तभी सशक्त बनती है, जब वह जनमानस का भरोसा हासिल करती है। आमजन की यही आस्था और विश्वसनीयता हमारी न्यायिक व्यवस्था की सबसे बड़ी ताकत है।

श्री शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास के मंत्र पर आगे बढ़ रहा है। राजस्थान सरकार का स्पष्ट मानना है कि बिना त्वरित न्याय के विकास अधूरा है।

उन्होंने कहा कि लोक अदालतों का व्यापक विस्तार किया जा रहा है ताकि आम नागरिक को शीघ्र और निःशुल्क न्याय मिल सके। साथ ही विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से निर्धन वादियों को निःशुल्क कानूनी सहायता भी उपलब्ध कराई जा रही है।

उन्होंने कहा कि राजस्थान में तीन नए कानून को जमीनी स्तर पर लागू किया जा रहा है। इन नए कानूनों के माध्यम से राजस्थान देश में सबसे तीव्र गति से न्याय पहुंचाने वाले राज्यों में से एक बन गया है। भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम को राजस्थान ने तेजी से अपनाया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने न्यायपालिका को मजबूत बनाने के लिए 42 नए न्यायालय स्थापित किए हैं।

श्री शर्मा ने कहा कि राजस्थान में ई-कोर्टस का तेजी से विस्तार किया जा रहा है। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से सुनवाई, ऑनलाइन केस फाइलिंग, ई-पेमेंट जैसी सुविधाओं से वादियों और अधिवक्ताओं दोनों को लाभ हो रहा है। उन्होंने कहा कि राजस्थान के दूर-दराज के गांवों तक न्याय पहुंचाने के लिए न्यायिक सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है। लंबित मामलों के त्वरित निपटान के लिये फास्ट ट्रैक कोर्ट्स एवं विशेष अदालतों की संख्या बढ़ाई जा रही है।

इससे पहले समारोह में उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति संजीव प्रकाश शर्मा ने राजस्थान हाईकोर्ट बार एसोसिएशन जयपुर की नवीन कार्यकारिणी के पदाधिकारियों को शपथ दिलाई।

इस दौरान श्री शर्मा ने राजस्थान हाईकोर्ट जयपुर पीठ की नवनिर्मित अंडरग्राउंड वाहन पार्किंग का भी लोकार्पण किया गया। इस अवसर पर गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म एवं न्यायाधीश एवं बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद थे।

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