वाराणसी , मार्च 9 -- विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उत्तर प्रदेश के बैनर तले केंद्र सरकार द्वारा इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल 2025 के विरोध में कल 10 मार्च को देशभर के लगभग 27 लाख बिजली कर्मचारी, जूनियर इंजीनियर और इंजीनियर अपने कार्यस्थलों से बाहर आकर जोरदार विरोध प्रदर्शन करेंगे।

संघर्ष समिति के मीडिया सचिव अंकुर पाण्डेय ने बताया कि उत्तर प्रदेश के सभी जिलों की तरह बनारस के समस्त बिजली कर्मी भी कल दोपहर लंच आवर में एक साथ अपने-अपने बिजलीघरों एवं कार्यालयों के बाहर प्रदर्शन कर इस जनविरोधी बिल के प्रति अपना प्रबल आक्रोश व्यक्त करेंगे।

श्री पाण्डेय ने कहा कि नेशनल कोऑर्डिनेशन कमेटी ऑफ इलेक्ट्रिसिटी एम्प्लाइज एंड इंजीनियर्स (एनसीसीओईई) द्वारा 10 मार्च को दिल्ली के कांस्टीट्यूशन क्लब में एक राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है, जिसमें विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रमुख सांसदों को आमंत्रित किया गया है। इस सम्मेलन के माध्यम से सांसदों को अवगत कराया जाएगा कि इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल 2025 पूरी तरह जनविरोधी है और यदि इसे संसद में पेश किया जाता है, तो इसका व्यापक एवं प्रबल विरोध किया जाएगा।

संघर्ष समिति ने एनसीसीओईई के निर्णय के अनुसार बताया कि 10 मार्च को देशभर में बिजली कर्मी अपने-अपने कार्यस्थलों से बाहर आकर विरोध प्रदर्शन करेंगे और सरकार को स्पष्ट संदेश देंगे कि बिजली क्षेत्र के निजीकरण तथा जनविरोधी नीतियों को किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।

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