रायपुर , फरवरी 20 -- छत्तीसगढ़ में कांग्रेस के अध्यक्ष दीपक बैज ने राज्य की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि प्रशासनिक अकर्मण्यता और भ्रष्टाचार के कारण बिजली विभाग बर्बादी के कगार पर पहुंच गया है।

श्री बैज ने आरोप लगाया कि सरकारी विभागों पर ही करोड़ों रुपये का बिजली बिल बकाया होने के बावजूद सरकार इसकी भरपाई आम जनता से वसूल रही है। उन्होंने शुक्रवार को कहा कि वर्तमान सरकार न तो लाइन लॉस (बिजली हानि) पर नियंत्रण कर पा रही है और न ही बिजली चोरी रोक पा रही है। सबसे बड़ी विडंबना यह है कि सरकारी विभागों और शासकीय भवनों पर बकाया बिजली बिल की राशि 2,800 करोड़ रुपये के पार पहुंच गई है, लेकिन प्रशासन इन विभागों से बिल वसूली करने में पूरी तरह नाकाम रहा। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि जहां आम उपभोक्ता एक माह का बिल जमा नहीं करता तो उसका कनेक्शन काट दिया जाता है, वहीं सरकारी दफ्तरों पर मोटी रकम बकाया होने के बावजूद बिजली सप्लाई जारी है।

कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि इस बकाए की भरपाई के लिए सरकार बार-बार बिजली की दरें बढ़ाकर आम जनता पर बोझ डाल रही है। पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार द्वारा शुरू की गई 400 यूनिट मुफ्त बिजली की योजना को समाप्त कर दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि बिजली कंपनियों पर बढ़ते वित्तीय दबाव को छुपाने के लिए अब सरकारी कार्यालयों में प्रीपेड बिलिंग सिस्टम लागू करने की बात कही जा रही है, जो सरकार की विफलता और अनियमितताओं के सामने आत्मसमर्पण करने जैसा है।

उन्होंने दावा करते हुए कहा कि राज्य के भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) एसोसिएशन पर ही लगभग एक करोड़ रुपये का बिजली बिल बकाया है, जिसका भुगतान आज तक नहीं किया गया है। यह दर्शाता है कि मंत्रियों और अधिकारियों द्वारा अनियंत्रित बिजली उपभोग किया जा रहा है और उसका भुगतान न करके विभाग को घाटे में डाला जा रहा है।

उन्होंने केंद्र की प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना को जुमला बताते हुए कहा कि प्रदेश में इस योजना की जमीनी हकीकत बेहद निराशाजनक है। उन्होंने बताया कि अब तक महज 1.47 लाख आवेदन ही प्राप्त हुए हैं, जिनमें से केवल 33 हजार सोलर प्लांट ही स्थापित किए जा सके हैं। राज्य के 65 लाख से अधिक बिजली उपभोक्ताओं के लिहाज से यह आंकड़ा न के बराबर है। उन्होंने कहा कि इस रफ्तार से सभी उपभोक्ताओं तक योजना पहुंचने में सैकड़ों साल लग जाएंगे।

श्री बैज ने कहा कि विद्युत उत्पादन क्षमता बढ़ने के बावजूद प्रदेश के उद्योग, कृषि और घरेलू क्षेत्रों में बिजली कटौती आम बात हो गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश को रोशन करने वाला बिजली विभाग भाजपा शासन में महज आम जनता पर लूटपाट करने और उनका घरेलू बजट बिगाड़ने वाला विभाग बनकर रह गया है।

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