बालोद , अप्रैल 23 -- छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में बाल विवाह का एक मामला सामने आया है, जहां शादी की तय उम्र से दो माह कम होने के बावजूद युवक की शादी करा दी गई। मामला उजागर होते ही प्रशासन और महिला एवं बाल विकास विभाग की टीम सक्रिय हुई और विवाह को शून्य घोषित कर दिया गया। दुल्हन को रात में ससुराल लाया गया था जिसे बुधवार सुबह पुलिस और विभागीय टीम ने सुरक्षित उसके मायके राजनांदगांव भेज दिया।
जानकारी के मुताबिक, युवक की वर्तमान उम्र 20 वर्ष 10 माह है, जबकि कानूनन शादी के लिए लड़के की न्यूनतम उम्र 21 वर्ष निर्धारित है। इसके बावजूद मंगलवार-बुधवार की दरमियानी रात युवक ने राजनांदगांव स्थित लड़की के घर जाकर विवाह की रस्में पूरी कीं और दुल्हन को अपने गांव भर्रीटोला ले आया।
बुधवार सुबह सोशल मीडिया पर यह मामला सामने आया। सूचना मिलते ही महिला एवं बाल विकास विभाग और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। टीकावन कार्यक्रम से पहले ही कार्रवाई करते हुए विवाह को शून्य घोषित कर दिया गया।
जांच में सामने आया कि युवक के आधार कार्ड में जन्मतिथि 13 जून 2002 दर्ज है, जबकि स्कूल के दाखिला पंजी में जन्मतिथि 13 जून 2005 है। नियमों के अनुसार दाखिला पंजी में दर्ज जन्मतिथि को मान्य माना जाता है, जिससे युवक नाबालिग साबित हुआ।
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