नयी दिल्ली,04 मार्च (वार्ता) संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बुधवार को स्पेन के बार्सिलोना में मोबाइल वर्ल्ड कांग्रेस (एमडब्ल्यूसी) 2026 में विभिन्न कार्यक्रमों में भारत का नेतृत्व किया और भारत में दूरसंचार सेवा और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में प्रगति तथा इनका लाभ जन सामान्य तक पहुंचाने में मिल रही सफलताओं को रेखांकित किया।

उन्होंने एक कार्यक्रम में भारत मोबाइल कांग्रेस ( आईएमसी 2026) के 7-10 अक्टूबर 2026 तक नयी दिल्ली में आयोजित किये जाने की घोषणा भी की।

मोबाइल दूरसंचार सेवा कंपनियों के मंच जीएसएमए के मंत्रिस्तरीय कार्यक्रम और एमडब्ल्यूसी के मुख्य मंच पर उच्चस्तरीय भागीदारी के साथ संचार मंत्री श्री सिंधिया ने सबको साथ लेकर चलने वाली और भविष्य के लिए तैयार डिजिटल कनेक्टिविटी के लिए भारत के दृष्टिकोण को बताया।

संचार मंत्रालय की बुधवार को यहां जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार श्री सिंधिया ने मंत्रियों के मंच पर लागत कम कर सेवाओं और उपकरणों को वंचितों तक सुलभ करने के विषय में - "ब्रेकिंग द कॉस्ट बैरियर" शीर्षक विशेष सत्र में समापन संबोधन करते हुए ज़ोर दिया कि उपकरण और सेवा के मुनासिब दाम डिजिटल सुविधाओं को सर्व सुलभ और समावेशी बनाने के प्रसास के केंद्र में हैं।

केंद्रीय मंत्री ने कहा, "हमारे सामने चुनौती टेक्नोलॉजी की कमी नहीं है, बल्कि लागत की वे बाधाएं हैं जिनके चलते अरबों लोग डिजिटल अर्थव्यवस्था में हिस्सा नहीं ले पाते हैं।" उन्होंने नीतिगत सुधार, बाजार प्रतिस्पर्धा और कारोबार का पैमाना बड़ा करके भारत में डेटा की लागत कम करने पर रोशनी डालते हुए कहा, "भारत की डिजिटल यात्रा दिखाती है कि पैमाने, नवाचार और स्वस्थ नीतिगत व्यवस्थाओं से लागत को हम काफी कम कर सकते हैं। हमारी मिलकर यह ज़िम्मेदारी है कि अगली पीढ़ी की कनेक्टिविटी - 5जी से लेकर उभरते 6जी पारिस्थितिकी सस्ती, सबको साथ लेकर चलने वाली और वहनीय बनी रहे।"श्री सिंधिया ने एमडब्ल्यूसी के मंच पर " आगे के लिए बनाया गया" शीर्षक विषय पर चर्चा में संचार सुविधाओं को सम्पर्क का केवल एक औजार ही नहीं बल्कि अवसरों का सशक्त इंजन बनने, नवाचार , आर्थिक विकास और सामाजिक मज़बूती लाने पर ज़ोर दिया।

उन्होंने आगे कहा, "कनेक्टिविटी का भविष्य सिर्फ़ तेज़ स्पीड में ही नहीं, बल्कि बिना रुकावट वाले डिजिटल अनुभव, मज़बूत आधारभूत ढांचा और सतत विकास में भी है। टेक्नोलॉजी को लोगों को मज़बूत बनाना चाहिए, बिज़नेस को मज़बूत करना चाहिए और समाज को आगे बढ़ने में मदद करनी चाहिए।"श्री सिधिया ने सम्मेलन के दौरान भारत पवेलियन का उद्घाटन किया जिसमें भारत की बढ़ती टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग क्षमताओं और नवाचार के वातावरण को दिखाया गया। इस साल 40 भारतीय कंपनियां और नवप्रवर्तक हिस्सा ले रहे हैं। पवेलियन भारत के एक डिज़ाइन-लेड मैन्युफैक्चरिंग हब और लागत प्रभावी सिक्योर कनेक्टिविटी सॉल्यूशन में एक भरोसेमंद ग्लोबल पार्टनर के तौर पर उभरने को दिखाता है।

केंद्रीय मंत्री ने जीएसएमए के सूचना केंद्र में इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2026 के लिए एक पूर्वावलोकन सामग्री का भी अनावरण किया। उन्होंने घोषणा की कि आईएमसी 2026, 7-10 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में होगा, जो एडवांस्ड टेलीकम्युनिकेशन, एआई-पावर्ड नेटवर्क और उभरती डिजिटल टेक्नोलॉजी में सहयोग के लिए एक ग्लोबल प्लेटफॉर्म के तौर पर भारत की भूमिका को और मजबूत करेगा।

तेजस नेटवर्क्स के बूथ पर, मंत्री ने टीजे1600-डी3 हाइपर-स्केलेबल डीसीआई प्लेटफॉर्म लॉन्च किया जो भारत में बनाए गए एडवांस्ड ऑप्टिकल नेटवर्किंग सॉल्यूशंस में एक मील का पत्थर है।

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