लखनऊ , अप्रैल 4 -- उत्तर प्रदेश में हो रही लगातार असमय बारिश से प्रभावित किसानों की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रशासन को पूरी तरह अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं।

उन्होंने सभी जिलाधिकारियों से रिपोर्ट तलब करते हुए स्पष्ट कहा है कि किसी भी हाल में आपदा का असर किसानों पर न्यूनतम रखा जाए और राहत कार्यों में कोई लापरवाही न हो। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि जनहानि, पशुहानि, घायलों व आपदा से प्रभावित लोगों को हर हाल में 24 घंटे के भीतर मुआवजा उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि इसमें किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे फील्ड में सक्रिय रहकर किसानों के बीच पहुंचें और उनकी समस्याओं का तत्काल समाधान सुनिश्चित करें। साथ ही, बारिश से बर्बाद हुई फसलों का वास्तविक आकलन कर विस्तृत रिपोर्ट शासन को भेजी जाए, ताकि प्रभावित किसानों को जल्द से जल्द राहत दी जा सके।

उन्होंने कहा कि राजस्व, कृषि विभाग एवं बीमा कंपनियां संयुक्त रूप से फसल नुकसान का सर्वे करें और समन्वय बनाते हुए समयबद्ध तरीके से कार्रवाई करें।

प्रमुख सचिव (कृषि) और राहत आयुक्त को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे लगातार फील्ड अधिकारियों के संपर्क में रहकर पूरी स्थिति की निगरानी करें। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार हर विपरीत परिस्थिति में किसानों के साथ खड़ी है और उनकी हर संभव मदद की जाएगी।

उन्होंने अधिकारियों से संवेदनशीलता के साथ कार्य करने और यह सुनिश्चित करने को कहा कि किसी भी अन्नदाता को अनावश्यक परेशानी न हो। मुख्यमंत्री ने किसानों से भी अपील की है कि वे अपनी क्षतिग्रस्त फसल की जानकारी समय पर शासन और प्रशासन को उपलब्ध कराएं।

उन्होंने कहा है कि जिन किसानों ने फसल बीमा कराया है, वे नुकसान की स्थिति में 72 घंटे के भीतर टोल फ्री नंबर 14447 पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं। कटाई के बाद खलिहान में रखी फसल भी 14 दिनों तक बीमा कवरेज में शामिल रहेगी।

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