श्रीनगर , अप्रैल 10 -- जम्मू-कश्मीर में बारामूला जिले की पुलिस ने वुस्सन कुंजर में भूमि धोखाधड़ी के एक बड़े प्रयास को विफल कर दिया है। पुलिस ने सात संदिग्धों को गिरफ्तार किया है, जो एक खरीदार को ठगने के लिए अपने को जमीन बिक्री की मध्यस्थता करने वाले और सरकारी अधिकारी बता रहे थे।
पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने 13.5 कनाल भूमि पर मालिकाना हक का फर्जी दावा किया था और अपने एक साथी को मालिक के रूप में प्रस्तुत किया था। सौदे की विश्वसनीयता बढ़ाने के लिए उनमें से एक ने खुद को पटवारी बताया और अन्य लोग राजस्व अधिकारी बने हुए थे।
शिकायतकर्ता, पांजी नारा शालटेंग निवासी अब्दुल अहद मलिक, पहले ही 4.10 लाख रुपये दे चुके थे। पुलिस के हस्तक्षेप के समय उन पर और 20 लाख रुपये का प्रबंध करने के लिए दबाव डाला जा रहा था।
गिरफ्तार व्यक्तियों के नाम गुलाम मोहम्मद वानी (पुलवामा), मसूद अहमद वानी (पीर बाग श्रीनगर), मोहम्मद यूसुफ वानी (पंडितपोरा कुंजर बारामूला), मोहम्मद अब्दुल्ला मीर (शिलवत सोनावारी बांदीपोरा), बिलाल पर्रे (मरकुंडल), फैयाज अहमद खांडे (तक्कनवारी श्रीनगर) और रियाज अहमद मीर(शेखजू गांदरबल) हैं।
गिरफ्तार लोगों में से मोहम्मद वानी ने अपने को पटवारी बताया था, जबकि मसूद वानी ने कथित संपत्ति मालिक के पुत्र कह रहा था। शेष आरोपी इस धोखाधड़ी वाले सौदे में दलाल के रूप में कार्य कर रहे थे।
पुलिस ने कहा कि अभियान के दौरान वुस्सन बांगिल की भूमि से संबंधित जाली राजस्व दस्तावेज बरामद कर जब्त कर लिये गये हैं। कुंजर पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है और अन्य साथियों की पहचान करने के लिए आगे की जांच जारी है।
पुलिस ने जनता से आग्रह किया है कि वे संपत्ति के लेन-देन से पहले आधिकारिक माध्यमों से भूमि अभिलेखों और पहचान का सत्यापन अवश्य करें।
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