एकतानगर , दिसंबर 06 -- गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने शनिवार को यहां कहा कि बारडोली सत्याग्रह ने सरदार साहब को देशभर में मजबूत और प्रभावशाली जननेता के रूप में प्रतिष्ठित किया था।

श्री देवव्रत ने करमसद से प्रारंभ हुई 'सरदारएट150' राष्ट्रीय एकता पदयात्रा के 11 दिनों के परिभ्रमण के बाद एकतानगर में पूर्णाहुति अवसर पर कहा कि अंग्रेजों की कर-वृद्धि के खिलाफ वल्लभभाई पटेल आगे आए और नेतृत्व संभाला। सरदार पटेल ने किसानों के लिए बारडोली के गांव-गांव में जाकर किसानों को एकत्र किया, उनमें आत्मविश्वास जगाया और उन्हें एकता के सूत्र में बांधने का कठिन कार्य किया।

राज्य के मुख्यमंत्री भुपेंद्रभाई पटेल ने इस अवसर पर कहा कि देश की एकता और अखंडता के शिल्पी लौहपुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती का वर्ष पूरे देश में राष्ट्रगौरव को उजागर करने वाला ऐतिहासिक वर्ष बन रहा है। यह वर्ष राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम्, भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती और सरदार साहब के विचारों के वैश्विक प्रसार का प्रेरक बन रहा है।

केंद्रीय खेल एवं युवा कार्यक्रम मंत्री डॉ. मनसुखभाई मांडविया ने इस मौके पर कहा कि इस पदयात्रा के करमसद से स्टैच्यू ऑफ यूनिटी तक के अंतिम 150 किमी चरण में वह स्वयं चार दिन तक शामिल रहे। करीब 150 स्थायी पदयात्रियों के साथ देशभर से असंख्य युवा और महिलाएं तथा गुजरात के विभिन्न क्षेत्रों से हजारों युवा अपनी क्षमता अनुसार एक, दो या तीन दिन यात्रा में शामिल हुए। इससे यह पदयात्रा वास्तविक रूप में विचारों की यात्रा बन गई।

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