सना , मार्च 31 -- यमन के अंसार अल्लाह आंदोलन (जिसे हूती के नाम से भी जाना जाता है) ने बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य को बंद करने की संभावना से इनकार नहीं किया है। हूती सरकार में सूचना उपमंत्री मोहम्मद मंसूर ने कहा कि ऐसा करने से तेल की कीमतें 200 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकती हैं।

श्री मंसूर ने इतालवी समाचार पोर्टल 'इनसाइड ओवर' से सोमवार को बात करते हुए यमन के तट पर स्थित इस जलडमरूमध्य को बंद करने के सवाल पर कहा, "इस पर निर्णय लिया जाना अभी बाकी है। हम अपने ईरानी भाइयों के साथ कार्रवाई की एक साझा योजना पर चर्चा कर रहे हैं। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि हमारे दुश्मनों को यह स्पष्ट कर दिया जाये कि हम कभी आत्मसमर्पण नहीं करेंगे। यूरोप को भी यह समझना चाहिए कि यदि वह 'प्रतिरोध की धुरी' का शत्रु बना रहता है, तो हम तेल की कीमत 200 डॉलर प्रति बैरल तक बढ़ा देंगे, जिससे उसकी अर्थव्यवस्था लड़खड़ा जायेगी।"उल्लेखनीय है कि अमेरिका-इजरायल ने 28 फरवरी को ईरान की राजधानी तेहरान सहित देश के विभिन्न ठिकानों पर हमले किए थे, जिससे व्यापक क्षति हुई और नागरिक हताहत हुए थे। इसके जवाब में ईरान ने भी इजरायली क्षेत्र और पश्चिम एशिया में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले किए थे।

ईरान के आसपास बढ़ते तनाव के कारण फारस की खाड़ी के देशों से वैश्विक बाजार में तेल और तरल प्राकृतिक गैस की आपूर्ति के प्रमुख मार्ग होर्मुज जलडमरूमध्य की नाकेबंदी हो गई है। इसने क्षेत्र में तेल निर्यात और उत्पादन के स्तर को भी प्रभावित किया है। इसके परिणामस्वरूप, दुनिया के अधिकांश देशों में ईंधन की कीमतें बढ़ रही हैं।

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