रांची , फरवरी 02 -- झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमिटी के प्रदेश प्रवक्ता ऋषीकेश सिंह ने कहा है कि भाजपा नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी का हेमंत सोरेन पर दिया गया बयान तथ्यहीन, भ्रामक और राजनीतिक कुंठा से भरा हुआ है।

भाजपा झारखंड में अपनी साख पूरी तरह खो चुकी है, इसलिए उसके नेता अनर्गल प्रलाप कर रहे हैं। श्री सिंह ने कहा कि बाबूलाल मरांडी पहले यह बताएं कि झारखंड में सबसे ज्यादा छात्रवृत्ति किस सरकार ने दी। हेमंत सोरेन सरकार ने पिछले कार्यकाल में पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति के तहत लाखों छात्रों को हजारों करोड़ रुपये ट्रांसफर किए। भाजपा शासनकाल में आदिवासी-दलित छात्रों की छात्रवृत्ति सालों तक लटकती रहती थी और हजारों छात्रों को पढ़ाई छोड़नी पड़ी थी।

श्री मरांडी जिस संविधान की दुहाई दे रहे हैं, उसी संविधान को भाजपा ने बार-बार कमजोर किया है। चुनाव आयोग की स्वायत्तता पर सवाल खुद भाजपा के शासनकाल में उठे हैं। देश के कई राज्यों में मतदाता सूची संशोधन के नाम पर युवाओं और कमजोर वर्गों के नाम काटे गए। झारखंड में भी एसआईआर के जरिए नए मतदाताओं को बाहर रखने की साजिश भाजपा कर रही है, ताकि लोकतांत्रिक अधिकार छीने जा सकें।

राजभवन को लेकर बाबूलाल मरांडी का बयान हास्यास्पद है। भाजपा यह भूल जाती है कि केंद्र सरकार एजेंसियों का इस्तेमाल विपक्षी मुख्यमंत्रियों को डराने के लिए करती रही है। झारखंड ही नहीं, बल्कि दिल्ली, बंगाल, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ में भाजपा ने ईडी और सीबीआई को राजनीतिक हथियार बनाया। यही कारण है कि आज देश में संवैधानिक संस्थाओं की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

भगवान बिरसा मुंडा और सिद्धू-कान्हो जैसे महापुरुषों पर बोलने का नैतिक अधिकार बाबूलाल मरांडी को नहीं है। भाजपा ने ही आदिवासी समाज को सिर्फ वोट बैंक समझा। बिरसा मुंडा की जन्मस्थली उलिहातू आज भी बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रही है, जबकि हेमंत सोरेन सरकार ने आदिवासी क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार पर वास्तविक काम किया।

जहाँ तक भ्रष्टाचार की बात है, तो बाबूलाल मरांडी पहले भाजपा शासित राज्यों का हिसाब दें। झारखंड में भाजपा शासन के दौरान 2जी माइनिंग घोटाले, सीएनटी-एसपीटी से छेड़छाड़, भूमि माफिया संरक्षण और नियुक्तियों में भ्रष्टाचार आम बात थी। हेमंत सोरेन के खिलाफ भाजपा सिर्फ आरोपों की राजनीति कर रही है, जबकि अदालत में एक भी आरोप सिद्ध नहीं कर पाई है।

श्री सिंह ने कहा कि नगर निकाय चुनावों में मतदाता सूची का अद्यतन कार्य प्रशासनिक प्रक्रिया है, न कि वोट चोरी। भाजपा खुद डर में है कि युवा, आदिवासी, दलित और पिछड़े वर्ग भाजपा के खिलाफ वोट करेंगे, इसलिए भ्रम फैलाकर माहौल खराब किया जा रहा है।

श्री मरांडी की भाषा बताती है कि भाजपा को आने वाले चुनावों में अपनी करारी हार साफ दिखाई दे रही है। जनता जान चुकी है कि झारखंड का भविष्य नफरत नहीं, विकास और सामाजिक न्याय में है। उन्होंने कहा कि भाजपा की गीदड़ भभकी से न कांग्रेस डरेगी और न झारखंड की जनता। हम संविधान, लोकतंत्र और झारखंडी अस्मिता की रक्षा के लिए हर मोर्चे पर भाजपा का पर्दाफाश करते रहेंगे।

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