मुंबई , फरवरी 10 -- महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (मकोका) की एक विशेष अदालत ने मंगलवार को राकांपा नेता और पूर्व मंत्री बाबा सिद्दीकी की हत्या के मामले में कथित शूटर सहित 27 आरोपियों के खिलाफ आरोप तय कर दिए हैं।

अदालत ने इन सभी के विरुद्ध मकोका, भारतीय न्याय संहिता, बॉम्बे पुलिस एक्ट और आर्म्स एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला चलाने का आदेश दिया है।

कार्यवाही के दौरान, मुंबई सेंट्रल और कल्याण जेल से 15 आरोपियों को व्यक्तिगत रूप से अदालत में पेश किया गया, जबकि ठाणे जेल में बंद शेष आरोपियों की उपस्थिति वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए दर्ज की गई। सुनवाई के दौरान जब अदालत ने उनसे आरोपों के बारे में पूछा, तो सभी आरोपियों ने खुद को "निर्दोष" बताते हुए मुकदमे का सामना करने की बात कही।

मुंबई पुलिस ने इस हाई-प्रोफाइल मामले में कुल 27 लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस की चार्जशीट में गैंगस्टर अनमोल बिश्नोई (लॉरेंस बिश्नोई का भाई) को 'वांटेड' आरोपी के रूप में नामित किया गया है। अनमोल बिश्नोई को नवंबर 2025 में अमेरिका से भारत लाया गया था। अभियोजन पक्ष का दावा है कि बिश्नोई ने बाबा सिद्दीकी की अभिनेता सलमान खान से करीबी और अपने गिरोह का वर्चस्व स्थापित करने के उद्देश्य से इस हत्या की साजिश रची थी।

इस मामले के 27 आरोपियों में से केवल 22 वर्षीय आकाशदीप करज सिंह को बॉम्बे हाई कोर्ट से सोमवार को जमानत मिली है। वह इस मामले में जमानत पाने वाला पहला आरोपी है। न्यायमूर्ति नीला गोखले की पीठ ने पंजाब निवासी आकाशदीप को निर्देश दिया है कि वह मुकदमा पूरा होने तक मुंबई नहीं छोड़ेंगे। आकाशदीप के वकील ने दलील दी थी कि उन पर केवल संगठित अपराध सिंडिकेट का सदस्य होने का आरोप है और हत्या में उनकी कोई प्रत्यक्ष भूमिका नहीं पाई गई है।

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