भिलाई/रायपुर , दिसंबर 18 -- छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय गुरुवार को कहा कि 18वीं सदी में जब समाज भेदभाव और असमानता से जूझ रहा था, तब बाबा गुरु घासीदास जी ने "मनखे-मनखे एक समान" का मंत्र देकर मानवता को नई दिशा दी।

वह दुर्ग जिले के भिलाई में आयोजित बाबा गुरु घासीदास जी की 269वीं जयंती एवं गुरु पर्व कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने बाबा गुरु घासीदास की गुरु-गद्दी की पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की। मुख्यमंत्री ने समाज के विकास के लिए भिलाई सतनाम भवन में डोम निर्माण हेतु 50 लाख रुपये और वार्षिक जयंती आयोजन के लिए 10 लाख रुपये देने की बड़ी घोषणा की।

समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि उन्होंने जोर देकर कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार बाबा के इन्हीं आदर्शों को आत्मसात कर सभी वर्गों के कल्याण के लिए कार्य कर रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'सबका साथ-सबका विकास' के विजन को दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि महतारी वंदन योजना और 3100 रुपये प्रति क्विंटल धान खरीदी जैसी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँच रहा है।

मुख्यमंत्री ने शिक्षा और युवाओं के भविष्य पर विशेष ध्यान देते हुए बताया कि अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण के माध्यम से 75 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है। साथ ही, समाज के प्रतिभाशाली बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए 15 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता दी जा रही है। उन्होंने नशाखोरी के विरुद्ध कड़े कदम उठाने की आवश्यकता जताई और बताया कि नई उद्योग नीति के माध्यम से युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित किए जा रहे हैं, जिसके तहत अब तक 8 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं।

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