बाबा बकाला (रैया) , अप्रैल 02 -- शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने पवित्र ग्रंथों की बेअदबी के संवेदनशील मुद्दे पर 'सस्ती नाटकबाजी' करने के लिए गुरूवार को पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग की तीख्टी निंदा की और सवाल किया कि 2017 से 2022 तक सत्ता में रहने के पांच वर्षों के दौरान उनकी सरकार ने बेअदबी के दोषियों को कभी क्यों नहीं पकड़ा?पार्टी के 'पंजाब बचाओ' अभियान के तहत हल्का प्रभारी बलजीत सिंह जलालुसमा के साथ रैली को संबोधित करते हुए श्री बादल ने श्री वड़िंग से पूछा कि उन्होंने तत्कालीन प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी द्वारा टैंकों और मोर्टारों के साथ श्री दरबार साहिब पर हमला करके सिख कौम के खिलाफ की गई सबसे बड़ी बेअदबी के खिलाफ आवाज क्यों नहीं उठाई? उन्होंने कहा कि श्री वड़िंग को बताना चाहिए कि क्या वह पिछले 10 वर्षों में हुई 597 बेअदबी की घटनाओं में से किसी भी स्थान पर गए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्टी ने केवल बेअदबी के संवेदनशील मुद्दे पर राजनीति की है। उन्होंने कहा, "बरगाड़ी में श्री गुरु ग्रंथ साहिब महाराज की बेअदबी के मामले की जांच करने से शिअद को रोकने के बाद भी कांग्रेस राजनीति करती रही। उसे बेअदबी के बारे में बात करने का कोई अधिकार नहीं है।"श्री बादल ने इस बात पर भी चर्चा की कि 2014 में पंजाब में 'आप' के प्रवेश के बाद 2015 में बेअदबी की घटनाएं कैसे शुरू हुईं। उन्होंने कहा कि आप विधायक नरेश यादव को 2016 में मलेरकोटला में हुई बेअदबी की घटना में दोषी ठहराया गया था, जबकि उन्हें बचाने के लिए उपायुक्त पर मामला वापस लेने का दबाव बनाया गया और वरिष्ठ आप नेताओं-हरपाल चीमा और हरजोत बैंस को उनके बचाव में उतारा गया।

शिअदअध्यक्ष ने मुख्यमंत्री भगवंत मान पर भी निशाना साधा कि वे युवाओं को अपने पशुपालन उद्यम स्थापित करने से हतोत्साहित कर रहे हैं, सिर्फ इसलिए क्योंकि ये योजनाएं शिअद द्वारा सोची गई थीं। उन्होंने कहा, "ऐसा लगता है कि मुख्यमंत्री शिअद के उस विजन से घबरा गए हैं जिसमें पशुधन उद्यमों के लिए 75 प्रतिशत सब्सिडी का प्रस्ताव है। इसीलिए वे बेतुकी टिप्पणी कर रहे हैं कि शिअद युवाओं से गोबर उठवाएगी। मान को समझना चाहिए कि युवाओं को राज्य की प्रगति का हिस्सा बनाने के लिए ऐसी योजनाओं की जरूरत है।"पंजाब के लिए अपना विजन स्पष्ट करते हुए श्री बादल ने घोषणा की कि अगली शिअद सरकार डेयरी किसानों को सुरक्षा देने के लिए दूध पर एमएसपी देगी।

वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने इस अवसर पर कहा कि मुख्यमंत्री को वेयरहाउसिंग अधिकारी डॉ. गगनदीप सिंह रंधावा की मजबूरन आत्महत्या और 19 वर्षीय युवक रंजीत सिंह के फर्जी मुठभेड़ की जिम्मेदारी लेनी चाहिए। उन्होंने मिल्कफेड में भ्रष्टाचार के लिए भी भगवंत मान को जिम्मेदार ठहराया।

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