पटना , अप्रैल 15 -- बिहार के बाढ़ग्रस्त जिलों में आवागमन की दशकों पुरानी चुनौतियों को स्थायी रूप से समाप्त करने की दिशा में ग्रामीण कार्य विभाग ने एक महत्वपूर्ण पहल की है।
मुख्यमंत्री ग्रामीण सेतु योजना के अंतर्गत राज्यभर में 906 नए उच्च-स्तरीय पुलों के निर्माण को प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है, जिससे जलभराव और नदी-प्रभावित क्षेत्रों में बारहमासी संपर्कता सुनिश्चित होगी।
उत्तर बिहार और मिथिलांचल के पूर्वी चंपारण, दरभंगा, सीतामढ़ी, मधुबनी, समस्तीपुर, पश्चिमी चंपारण और सहरसा जैसे जिलों में यह योजना एक व्यापक परिवर्तन का आधार बन रही है। जहाँ पहले मानसून के दौरान कई गांव मुख्य मार्गों से कटकर अलग-थलग पड़ जाते थे, वहीं अब इन ग्रामीण पुलों के निर्माण से वर्षभर निर्बाध और सुरक्षित आवागमन संभव होगा।
इस पहल से ग्रामीण जनजीवन पर बहुआयामी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। ग्रामीण कार्य विभाग का यह प्रयास बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में भौगोलिक बाधाओं को समाप्त कर सुशासन और समावेशी विकास को नई गति प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
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