अलवर , फरवरी 01 -- राजस्थान के सरिस्का में बढ़ती बाघों की संख्या को देखते हुए सरिस्का का क्षेत्रफल बढ़ाने का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है।

सरिस्का के उप वन संरक्षक अभिमन्यु सहारण ने बताया कि सरिस्का में दौसा और जयपुर जिले के कुछ हिस्से को जोड़ा जाएगा। सरिस्का के क्षेत्रफल को 1829 स्क्वायर वर्ग किलोमीटर करने का प्रस्ताव है जिस पर अमल भी शुरू हो गया है। यह प्रस्ताव अलवर सरिस्का प्रशासन द्वारा राज्य सरकार को भेजा जाना है । उम्मीद जताई जा रही है कि इसी सत्र में इस प्रस्ताव पर अंतिम मोहर लग जाएगी।

उन्होंंने बताया कि सरिस्का में जयपुर और दौसा के बफर क्षेत्र को शामिल करने का विचार किया जा रहा है । यह बफर क्षेत्र है इसके लिए राज्य सरकार ने समिति बनाई है। समिति की एक बैठक भी हो चुकी है। जिसमें दौसा और जयपुर पर तो काम हो गया। सबसे ज्यादा अलवर सरिस्का का क्षेत्र है इसलिए इस पर काम चल रहा है। वर्तमान में 1229 स्क्वायर किलोमीटर का क्षेत्र सरिस्का के पास है । जयपुर और दौसा का करीब 600 स्क्वायर किलोमीटर क्षेत्र बढ़ाए जाने का प्रस्ताव है।

श्री सहारण ने बताया कि यह सरिस्का का क्षेत्र 1829 स्क्वायर किलोमीटर हो जाएगा। इस प्रस्ताव पर धरातल पर काम चल रहा है और शीघ्र इस पर अमल होगा, क्योंकि सरिस्का का क्षेत्र बढ़ने से जो नए शावक अपने क्षेत्र बनायेंगे, उनके लिए जंगल का विस्तार बहुत जरूरी है।

उन्होंने बताया कि जंगल में बाघों के प्राकृतिक आवास में सुधार करना बहुत जरूरी है। यहां से ग्रामीण विस्थापन जरूरी है। इस मुद्दे पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। सरकार ने नीति बदली है। गांवों के पुनर्स्थापन के तहत सुकोला गांव का पुन: सर्वेक्षण कराया गया है। अगले सत्र में इसको पुनर्स्थापित कर दिया जाएगा। इसे घास के मैदान की तरह विकिसत किया जाएगा। यह जंगल के लिए मुफीद होगा। वर्तमान में सरिस्का में 50 बाघ बाघिन मौजूद हैं। जिनमें 21 शावक हैं।

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