बागेश्वर , अप्रैल 28 -- उत्तराखंड के बागेश्वर जिले में मंगलवार शाम आए तेज आंधी-तूफान ने कई गांवों में भारी नुकसान पहुंचाया। विभिन्न क्षेत्रों से मकानों और गोशालाओं की छत उड़ने, पेड़ गिरने और लोगों के घायल होने की घटनाएं सामने आई हैं। राहत एवं बचाव टीमें मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा ले रही हैं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार घटबगड़ वार्ड में मकानों के बीच एक पेड़ गिरने की सूचना पर फायर सर्विस की टीम मौके पर पहुंची, जबकि राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) को भी अलर्ट किया गया।

तूफान के चलते ग्राम धपोलासेरा में राजेंद्र सिंह की टिन शेड गोशाला क्षतिग्रस्त हो गई, जबकि मझेड़ा गांव में मंगल राम की गोशाला की टीन छत उड़ गई। मलसूना गांव में गोशाला की छत उड़ने से हेमा देवी घायल हो गईं, जिन्हें पहले सीएचसी कांडा और बाद में जिला अस्पताल बागेश्वर भेजा गया।

इसके अलावा गौजानी हवन तोली में पेड़ गिरने से नंदा बल्लभ के मकान को नुकसान पहुंचा। गडौली झिटोली और बनैगांव में भी कई मकानों की टिन छतें क्षतिग्रस्त हुई हैं। करूली गांव में हयात राम के मकान से सटा रसोईघर तूफान में क्षतिग्रस्त हो गया।

भतोरा, बसेत, उड़ेरा और कुलारंगचौड़ा गांवों में भी तेज हवाओं के चलते मकानों और गोशालाओं की छतें उड़ने की घटनाएं सामने आई हैं। कुलारंगचौड़ा में मकान के पीछे पत्थर गिरने से दीवार क्षतिग्रस्त हो गई, हालांकि परिवार सुरक्षित बताया जा रहा है।

सबसे ज्यादा असर भतरौला गांव में देखने को मिला, जहां दीप चंद्र के दो मंजिला मकान की टिन छत उड़ने से तीन लोग घायल हो गए। घायलों में शिव सिंह नेगी (65), सरिता (21) और तरुण (20) शामिल हैं। सभी को जिला अस्पताल में उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई है।

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