हमीरपुर , फरवरी 03 -- हिमाचल सरकार के बागवानी विभाग के प्रयासों के परिणामस्वरूप हमीरपुर जिला भी फल उत्पादन में अपनी पहचान बना रहा है। वर्ष 2025 के अनुसार जिले में बागवानी के तहत क्षेत्र बढ़कर लगभग 8,100 हेक्टेयर और फल उत्पादन लगभग 2,200 टन तक पहुंच गया।

बागवानी विभाग के उप निदेशक राजेश्वर परमार ने कहा कि राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी हिमाचल प्रदेश शिवा परियोजना और बागवानी प्रौद्योगिकी मिशन के तहत जिले में मीठा नीबू, संतरा, अमरूद, आम, लीची और अनार जैसे फलों के बड़े पैमाने पर बागान को बढ़ावा दिया जा रहा है। विभाग ने 2030 तक जिले में फलों के क्षेत्र को बढ़ाकर लगभग 9000 हेक्टेयर और उत्पादन को लगभग 5000 टन करने का लक्ष्य रखा है।

उप निदेशक ने कहा कि आने वाले समय में फल उत्पादन में वृद्धि की संभावनाओं के मद्देनजर जिले में कोल्ड स्टोरेज सुविधाओं की भी आवश्यकता को महसूस करते हुए बागवानों को अभी से कोल्ड स्टोरेज सुविधाएं बनाने के लिए प्रेरित और प्रोत्साहित किया जा रहा है। बागवानी विभाग उनके निर्माण के लिए 50 प्रतिशत सब्सिडी प्रदान कर रहा है।

श्री परमार ने कहा कि हमीरपुर जिले में फलों की कटाई बरसात के मौसम से शुरू होती है और सर्दियों तक जारी रहती है। जब पूरे जिले में एक ही समय में उपज अधिक होती है, तो बागवानों को अक्सर अपनी उपज का उचित मूल्य नहीं मिल पाता है और जब ये फल खराब हो जाते हैं तो उन्हें भारी नुकसान होता है।

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