बागपत , अप्रैल 14 -- विश्व धरोहर दिवस के अवसर पर 18 अप्रैल से उत्तर प्रदेश की पहली हेरिटेज ट्रेल बागपत से शुरू की जाएगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर शुरू की जा रही इस पहल का उद्देश्य प्रदेश की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक पहचान दिलाना है। इस हेरिटेज ट्रेल के माध्यम से पर्यटक बरनावा, सिनौली, लाक्षागृह तथा अन्य प्राचीन धार्मिक एवं ऐतिहासिक स्थलों का भ्रमण कर सकेंगे। इसके जरिए देश-विदेश के पर्यटकों को द्वापर युग तथा लगभग चार हजार वर्ष पुरानी सभ्यता से परिचित होने का अवसर मिलेगा।

जिलाधिकारी अस्मिता लाल ने बताया कि महाभारत में भगवान श्रीकृष्ण द्वारा मांगे गए पांच गांवों में से एक गांव वर्तमान बागपत जिले के बरनावा क्षेत्र में माना जाता है। यही कारण है कि यह क्षेत्र पौराणिक और ऐतिहासिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है तथा इसे हेरिटेज ट्रेल का प्रमुख केंद्र बनाया गया है।

उन्होंने बताया कि ट्रेल में बरनावा का लाक्षागृह, सिनौली पुरातात्विक स्थल, खंडवारी के प्राचीन अवशेष, पुरा महादेव मंदिर, जोहड़ी मंदिर परिसर, बड़ौत का ऐतिहासिक क्षेत्र, बड़ागांव का त्रिलोक तीर्थ धाम तथा यमुना तट के प्राचीन अवशेष शामिल किए गए हैं। सिनौली में मिले प्राचीन रथ, तलवार और ढाल विशेष आकर्षण का केंद्र होंगे।

हेरिटेज ट्रेल के तहत स्थानीय युवाओं को पर्यटन गाइड के रूप में प्रशिक्षित किया जाएगा। साथ ही गांवों में होमस्टे विकसित कर स्थानीय भोजन, लोक संस्कृति और पारंपरिक आतिथ्य को बढ़ावा दिया जाएगा, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर सृजित होंगे।

इस पहल के अंतर्गत पॉटरी, पीतरा ड्यूरा, ब्लॉक प्रिंटिंग, इत्र निर्माण सहित पारंपरिक एवं लुप्तप्राय कलाओं की कार्यशालाएं भी आयोजित की जाएंगी। इससे स्थानीय कारीगरों को प्रोत्साहन मिलेगा और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा।

जिलाधिकारी ने कहा कि हेरिटेज ट्रेल के माध्यम से बागपत को ऐतिहासिक-सांस्कृतिक पर्यटन केंद्र के रूप में स्थापित किया जा सकेगा। हेरिटेज वॉक, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और प्रदर्शनियों के जरिए जिले की विरासत को नई पहचान मिलेगी तथा लोगों में अपनी संस्कृति के प्रति गर्व की भावना मजबूत होगी।

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