लखनऊ , जनवरी 29 -- उत्तर प्रदेश मंत्रिमंडल ने गुरुवार को एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए पूर्वी पाकिस्तान (वर्तमान बांग्लादेश) से विस्थापित 99 हिंदू परिवारों के पुनर्वास को स्वीकृति प्रदान की।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में गुरुवार को मंत्रिमंडल की बैठक के बाद वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने पत्रकारों को बताया कि ये परिवार फिलहाल मेरठ जिले के मवाना क्षेत्र के नंगला गोसाई गांव में रह रहे थे और यह पुनर्वास राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के आदेशों के अनुपालन में किया जा रहा है।

श्री खन्ना ने बताया कि पुनर्वास योजना के तहत 50 परिवारों को कानपुर देहात जिले की रसूलाबाद तहसील के भैंसाया गांव में 11.1375 हेक्टेयर (27.51 एकड़) भूमि पर बसाया जाएगा, जबकि शेष 49 परिवारों को ताजपुर तरसौली गांव में 10.530 हेक्टेयर (26.01 एकड़) भूमि उपलब्ध कराई जाएगी। यह भूमि पुनर्वास विभाग के नाम दर्ज है।

प्रत्येक परिवार को 0.50 एकड़ भूमि 30 वर्ष की लीज पर दी जाएगी, जिसे दो बार 30-30 वर्षों के लिए नवीनीकृत किया जा सकेगा। इस प्रकार अधिकतम 90 वर्षों तक लीज की व्यवस्था होगी, जो निर्धारित प्रीमियम अथवा लीज रेंट के भुगतान पर प्रदान की जाएगी।

कैबिनेट ने शहरी विकास को गति देने के उद्देश्य से अर्बन रिडेवलपमेंट पॉलिसी-2026 को भी मंजूरी दी। इस नीति के तहत भवन मानचित्र स्वीकृति प्रक्रिया को सरल बनाया जाएगा और विकास शुल्क में संशोधन किया जाएगा। इसके अलावा बरेली और मुरादाबाद में साइंस पार्क एवं तारामंडल (प्लेनेटेरियम) की स्थापना को भी हरी झंडी दी गई है।

बैठक में आपदा प्रभावित परिवारों के पुनर्वास से जुड़े प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई। मंत्री खन्ना ने बताया कि बहराइच जिले में आपदा प्रभावित 136 परिवारों को मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत आवास, भूमि पट्टा और कृषि भूमि लीज पर उपलब्ध कराई जाएगी।

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